गांव कुम्हारिया में पेयजल संकट गहराया, खरीदकर पानी पीते हैं ग्रामीण, पेयजल किल्लत को लेकर लोगों ने जलघर में जाकर किया रोष प्रदर्शन
mahendra india news, new delhi
नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव कुम्हारिया में गर्मी के मौसम में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। गांव में करीबन लगभग 150 घरों में जन स्वास्थ्य विभाग की पेयजल लाइन से पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे विशेषकर महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव कुम्हारिया में पेयजल किल्लत को लेकर लोगों ने जल घर में जाकर रोष प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के अनुसार जन स्वास्थ्य विभाग की आपूर्ति पिछले दो महीने से बिलकुल ही नहीं हो पा रही है। नतीजतन लोगों को पीने के लिए पर्याप्त स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं हो रहा।
ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। रोषित लोगों ने जल घर में जाकर रोष प्रदर्शन किया। बलबीर डारा, कृष्ण कुमार डारा , बलबीर नंबरदार, सांवरा, अंकित मेव, रामचंद्र, सुरेश कुमार, अर्जुन मेव, विक्रम सिंह, महेंद्र, हनुमान, मनीराम, धर्मपाल सहित कई ग्रामीणों ने गांव के जल घर में रोष प्रदर्शन करते हुए कहा कि अगर जल्द पानी सप्लाई का प्रबंध नहीं हुआ तो वह सोमवार को जलघर पर ताला जड़ेंगे और धरना देंगें।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के जलघर में पानी के तीन टैंक होने के बावजूद भी भयंकर गर्मी में पीने का पानी सप्लाई नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों को मजबूरन 500 रुपए देकर पानी के टैंकर डलवाने पड़ रहे हैं और एक टैंकर का पानी मात्र 2 से 5 दिन में ही समाप्त हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों को समस्या से अवगत करवा दिया है।
लेकिन बार-बार चक्कर कटवाने के अलावा कोई समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 150 घरों में पिछले 1 साल से पीने के पानी की समस्या गंभीर बनी हुई है और इस समय भयंकर गर्मी में पानी की किल्लत से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है,। पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है । इन्होंने बताया कि उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को कई बार पीने के पानी की समस्या हल करने के लिए अवगत करवाया गया लेकिन अधिकारियों ने बार-बार चक्कर कटवाने के अलावा इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्हें मजबूरन जल घर के गेट को ताला लगाना पड़ेगा. और जब तक पीने के पानी की समस्या का समाधान नहीं होगा तब तक ताला लगा रहेगा। इनका कहना है कि जलघर के कर्मचारी भी गांव में पीने की पानी की समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जब इस बारे में ग्रामीणों ने जन स्वास्थ्य विभाग के जेई हेमंत से बात की तो उन्होंने बताया की गाँव में कहाँ कहाँ पेयजल की समस्या है उसका पता लगाकर जल्द समाधान करवाया जाएगा.
ग्रामीण बलवीर सिंह डारा ने कहा कि जलघर से दूर पड़ने वाले करीब 150 घरों में कई सालों से पीने के पानी की कमी बनी हुई है गर्मी मंटो समस्या और गंभीर हो जाती है अब पीने का पानी नही मिल रहा है जिससे काफी परेशानी हो रही है -- बलबीर डारा
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ग्रामीण युवक सांवरा ने कहा कि सारा दिन दिहाड़ी मजदूरी कर 400 से 500 रूपये कमाते है और शाम को घर में पीने का पानी नही मिलता तब पानी का टेंकर मंगवाना पड़ता है तो 500 रूपये वह ले लेता है और एक टेंकर मात्र 2 दिन ही चलता है अब घर का खर्च चलाना ही मुस्किल हो गया है।
