home page

दंपति की दोहरी सफलता बनी क्षेत्र में प्रेरणा की मिसाल: पर्यावरण प्रेमी सुभाष बरोड़ व रिंकू रानी ने बतौर सहायक प्रोफेसर किया कार्यभार ग्रहण

 | 
The couple's dual success serves as an inspiration in the region: Environmentalists Subhash Barod and Rinku Rani join as Assistant Professors.

 mahnder india news
डाइट डिंग सिरसा प्रभारी सुरेंद्र सिंह नूनिया ने दी नव चयनित दंपति को बधाई
सिरसा। हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित मिठी सुरेरां निवासी पर्यावरण प्रेमी एवं भूगोलविद् सुभाष चंद्र बरोड़ तथा उनकी जीवनसंगिनी रिंकू रानी ने अपने-अपने महाविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी, सिरसा, प्रोफेसर डॉ. सज्जन सेलवाल की गरिमामयी उपस्थिति में सुभाष चंद्र बरोड़ ने चौधरी मनी राम झोरड़ राजकीय महाविद्यालय, मिठी सुरेरां, ऐलनाबाद में सहायक प्रोफेसर (भूगोल) तथा रिंकू रानी ने राजकीय कन्या महाविद्यालय, रानियां में सहायक प्रोफेसर (हिंदी) के रूप में अपना-अपना कार्यभार ग्रहण किया।

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए पहचान रखने वाले सुभाष चंद्र बरोड़ अब तक हजारों नि:शुल्क पौधे लगाकर तथा हजारों किलोमीटर की साइकिल यात्राएं कर समाज में पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूकता का संदेश दे चुके हैं। वहीं ग्रामीण परिवेश से आगे बढ़कर रिंकू रानी ने कठिन परिश्रम, स्वाध्याय और सकारात्मक सोच के बल पर यह उपलब्धि हासिल कर महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। दोनों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवारजनों, गुरुओं एवं हरियाणा सरकार की पारदर्शी एवं प्रतिभा-आधारित चयन प्रक्रिया को दिया।

उन्होंने युवाओं से अनुशासन, निरंतर अध्ययन, आत्मविश्वास तथा समाज व पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, डिंग, सिरसा के प्रभारी सुरेंद्र सिंह नूनिया ने दोनों को बधाई देते हुए कहा कि पूर्व में हमारे हरियाणा विद्यालय शिक्षा विभाग में कार्यरत रही इस दंपत्ति की यह उपलब्धि शिक्षा जगत के लिए गौरव का विषय है तथा इनकी सफलता युवाओं को मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। वहीं हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ, सिरसा के जिला प्रधान सुरेश कुमार रंगा ने दंपति को बधाई देते हुए कहा कि सुभाष बरोड़ और रिंकू रानी की सफलता समाज में शिक्षा, संघर्ष और सकारात्मक सोच की मिसाल है,

WhatsApp Group Join Now

जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी। हजरस ऐलनाबाद, खंड प्रधान राजेंद्र सिंह कुमथला ने भी दोनों को मंगलकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि इनकी सच्ची लगन, कठिन परिश्रम और शिक्षा के प्रति समर्पण का परिणाम है। इस अवसर पर उनके साथ सुभाष बरोड़ के पिता साधु राम बरोड़, माता सावित्री देवी, ससुर अमीलाल, सास परमेश्वरी देवी, बेटा आरुष, प्रोफेसर शगुन सिंह, डॉ. सावन धारीवाल, डॉ. राजवीर, प्रवक्ता इंद्रजीत मेहरा, प्रवक्ता उधम सिंह, डॉ. मंजू गंडा, डॉ. विक्रम यादव, डॉ.रविंद्र कुमार, डॉ.चंद्र सैनी सहित दोनों महाविद्यालयों के समस्त टीचिंग एवं नॉन टीचिंग स्टाफ सदस्य एवं उनके परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।