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हरियाणा प्रदेश के राजकीय स्कूलों की बदलेगी सूरत, खस्ताहाल इमारतों को गिराकर बनाए जाएंगे नए वर्टिकल भवन

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The face of government schools in Haryana is set to change; dilapidated buildings will be demolished to make way for new vertical structures

mahendra india news, new delhi

हरियाणा प्रदेश में कई स्कूलों के अंदर पुरानी इमारतें बनी हुई है। इनके गिरने का हमेशा खतरा बना रहता है। प्रदेश के राजकीय ी स्कूलों के खस्ताहाल भवनों को गिराकर नये भवन का निर्माण किया जाएगा।  नया भवन बनने तक इन स्कूलों को पास के सरकारी भवन या दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। व्यवस्थाएं जांचने के लिए प्रथम श्रेणी अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बाद पुराने स्कूलों के भवनों के टेंडर जारी किए जाएंगे।

हरियाणा प्रदेश के सीएम नायब सिंह सैनी ने मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी (सीएमजीजीए) के साथ मीटिंग में कहा कि नए बनने वाले भवन न सिर्फ आकर्षक हों, बल्कि वर्टिकल रूप में हों। बाकी जगह का इस्तेमाल बच्चों के लिए प्ले ग्राउंड में किया जाएगा। 

राजकीय स्कूलों में उपलब्ध साइंस लैब, कंप्यूटर लैब तथा अन्य सुविधाएं बच्चों को सुचारू रूप से मिलनी चाहिए। स्कूलों में ड्यूल डेक्स जल्द उपलब्ध कराने तथा पुराने हो चुके कंप्यूटर व अन्य उपकरणों की एक माह के अंदर नीलामी कराने के निर्देश दिए।

हरियाणा प्रदेश के सीएम नायब सिंह सैनी के समक्ष सीएमजीजीए द्वारा दिखाई गई रिपोर्ट के आधार पर जिन स्कूलों में खामियां मिली हैं, उनकी रिपोर्ट तलब की गई है। जिला शिक्षा अधिकारियों से लेकर प्रिंसिपल अथवा मुख्य अध्यापकों की जवाबदेही तय की जाएगी। अगर किसी स्कूल में खामी मिलती है तो उस संबंध में तुरंत एक्शन लिया जाए।

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बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष ग्रामीण इलाकों में महाग्राम योजना के तहत हो रहे कार्यों के अलावा अमृत सरोवर के मूल्यांकन और जलघरों की स्थिति संबंधित रिपोर्ट दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा में जिन गांवों में महाग्राम योजना के कार्य चल रहे हैं, उनमें एसटीपी पर मुख्य रूप से फोकस किया जाए।