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हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की समस्याओं पर महाप्रबंधक नहीं दे रहे ध्यान, चेतावनी, जल्द मांगें पूरी न करने पर होगा बड़ा आंदोलन

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The General Manager is not paying attention to the problems of Haryana Roadways employees, warning that if the demands are not met soon, there will be a big movement

mahendra india news, new delhi
 हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ 0644 की एक मीटिंग हुई, जिसमें उपप्रधान कुलदीप पावड़ा, जिला महासचिव चमन लाल स्वामी, डिपो प्रधान सतबीर सिंह कड़वासरा ने संयुक्त रूप से कहा कि आज के दिन हिसार डिपो के महाप्रबंधक की तानाशाही दिखाते हुए कर्मचारियों की जायज मांगों को नहीं मान रहा। इसके लि हिसार डिपो की सभी यूूनियनों ने 11 मई की गेट मीटिंग रखी गई है, जिसमें हिसार डिपो में 11 मई को बडेÞ आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा।

इसके साथ-साथ पूरे हरियाणा के कर्मचारियों का रात्रि भत्ता 2023 से बकाया पड़ा है और लगभी 6 से 10 माह का ओवर टाइम बकाया पड़ा है, जिसपर पर किसी भी महाप्रबंधक का ध्यान नहीं है। इसके अलावा भी कर्मशालाओं में कर्मचारियों की कमी के कारण गाड़ियों के कोई कार्य नहीं हो रहे। यही नहीं चालकों को दिन में कहीं चार चक्कर लगाने पड़ जाए तो हर चक्कर में दूसरी बस लेनी पड़ती है। कई स्टेशनों पर पूरा दिन पानी पीने तक का समय नहीं दिया गया है, जिस कारण कर्मचारी बिमार पड़ रहे हैं। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि महाप्रबंधक खुद तो एसी कमरों में रहते हैं, लेकिन कर्मचारियों की ओर जरा भी गौर नहीं कर रहे।

हरियाणा के महाप्रबंधकों को मुख्यालय से एक पत्र भी राज्य के सांझा मोर्चाद्वारा जारी करवाया गया है कि सभी महाप्रबंधक सभी यूनियनों की बातें सुनकर उनका समाधान करे, लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारी इस मीटिंग को गेट मीटिंग न समझें, यह एक कर्मचारियों की मांगों की चिंगारी है, जो पूरे हरियाणा में सुलगेगी और हर कर्मचारी इसमें बढ़चढ़कर भाग लेगा। इसलिए समय रहते हिसार और नारनौल डिपो के साथ-साथ पूरे हरियाणा की बकाया राशि व सरकार द्वारा दिए गए लाभ सभी महाप्रबंधक कर्मचारियों को दें, अन्यथा राज्य का सांझा मोर्चा मीटिंग कर बड़Þे संष्घर्ष का फैसला लेने पर मजबूर होगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और महाप्रबंधकों की होगी।

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इसके साथ-साथ दमकल विभाग के कर्मचारी पूरे हरियाणा में 32 दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं और नगर पालिका के कर्मचारी भी 8 दिनों से हड़ताल पर हैं। सभी शहरों में कूड़े-कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिसके कारण महामारी फैलने का भी डर जनता को सता रहा है। लेकिन सरकार कुंभकर्णी नींद सोई हुई है। समय रहते सभी विभागों की मांगों का फैसला करना चाहिए, अन्यथा हरियाणा का कर्मचारी न कभी डरा है और न कभी झुका है। कर्मचारी जनजा की सेवा के लिए है, लेकिन सरकार उन्हें हड़ताल के लिए मजबूर कर रही है।

उन्होंने जनता से अपील की कि जायज मांगों के लिए कर्मचारियों का सहयोग करें। दमकल विभाग में रोडवेज कर्मचारी भेजने से जनता की सेवा में दिक्कत हो रही है। विभाग को चाहिए कि समय रहते रोडवेज कर्मचारियों को उनके विभाग में भेजना चाहिए, ताकि रोडवेज की सेवा बाधित न हो और जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सके।