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पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार दे रही लाखों की सहायता

The government is providing assistance worth lakhs to promote post-harvest management.
 
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 पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार दे रही लाखों की सहायता
सिरसा, 20 अप्रैल।

हरियाणा में बागवानी किसानों को उद्यान विभाग द्वारा फसल तुड़ाई के बाद प्रबंधन (पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट) को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना, फसल की उचित रखरखाव करना और उत्पादों को बेहतर बाजार मूल्य दिलाना है।

योजना के तहत विभिन्न प्रकार की इकाइयों पर लाखों की सहायता दी जाएगी। फार्म गेट पैक हाउस के लिए प्रति इकाई 25 लाख रुपये लागत निर्धारित की गई है, जिस पर किसानों को 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 12.50 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। वहीं, ग्रेडिंग लाइन सहित एकीकृत पैक हाउस पर 160 लाख रुपये की लागत पर 35 प्रतिशत सहायता दी जायेगी

, जो अधिकतम प्रति इकाई 56 लाख रुपये, ऋण संबद्ध बैंक एंडेड, इसके अलावा, भंडारण, ग्रेडिंग और पैकिंग इकाइयों पर 320 लाख रुपये की लागत के हिसाब से 35 प्रतिशत (अधिकतम 112 लाख रुपये, ऋण संबद्ध बैंक एंडेड) का प्रावधान है। प्री-कूलिंग यूनिट पर 5 लाख रुपये प्रति मीट्रिक टन लागत के आधार पर 35 प्रतिशत सहायता दी जाएगी, जबकि चलित प्री-कूलिंग यूनिट पर 30 लाख रुपये प्रति इकाई लागत पर 35 प्रतिशत (अधिकतम 10.5 लाख रुपये, ऋण संबद्ध बैंक एंडेड) तय किया गया है।

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इसी तरह शीत गृह (कोल्ड स्टोरेज) के लिए भी इस योजना में विशेष प्रावधान किए गए हैं।  वहीं, सौर ऊर्जा आधारित शीत गृह को भी योजना में शामिल किया गया है, जिसे अन्य इकाइयों के साथ जोड़ा जा सकता है और इस पर भी 35 प्रतिशत सहायता बैंक ऋण के आधार पर उपलब्ध होगी।

इन योजनाओं से किसानों को फसल के बाद होने वाले नुकसान में कमी आएगी, भंडारण क्षमता बढ़ेगी और उन्हें अपने उत्पादों के लिए बेहतर दाम मिल सकेंगे। यह पहल किसानों को आधुनिक कृषि प्रणाली से जोड़ते हुए उनकी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी