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हरियाणा प्रदेश में सरकार ने उद्योग लगाने के बदले नियम, अनुमति लेना आसान; दूसरे कार्य के लिए नहीं होगा जमीन का इस्तेमाल

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The Haryana government has revised the rules for setting up industries, making it easier to obtain permissions; the land cannot be used for any other purpose

mahendra india news, new delhi 

हरियाणा प्रदेश सरकार ने उद्योग लगाने वालों को बेहतर सुविधा देगी। जिससे प्रदेश में उद्योग बढ़े। इसी को लेकर प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए जमीन के इस्तेमाल की अनुमति लेने की प्रक्रिया आसान कर दी गई। हरियाणा सरकार ने औद्योगिक परियोजनाओं के लिए आनलाइन स्व-प्रमाणन की व्यवस्था की है।

जिसके तहत आवेदक अपनी जानकारी, जरूरी दस्तावेज और निर्धारित शर्तों से जुड़े प्रमाण स्वयं प्रस्तुत कर सकेगा। इस प्रक्रिया के तहत मिलने वाली अनुमति को नगर व ग्राम आयोजना विभाग के निदेशक की ओर से दी गई अनुमति के बराबर माना जाएगा।

प्रदेश सरकार ने स्व-प्रमाणन के साथ आवेदक की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। यदि कोई आदमी गलत जानकारी देता है, जरूरी तथ्य छिपाता है या भ्रामक दस्तावेजों के आधार पर अनुमति लेता है, तो वह अनुमति शुरू से ही अमान्य मानी जाएगी।


प्रक्रिया सरल 
इसी के साथ ही उद्योग लगाने के लिए संशोधन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जमीन या भवन का इस्तेमाल संबंधित क्षेत्र की विकास योजना में निर्धारित प्रमुख भूमि उपयोग के अनुरूप होना चाहिए। औद्योगिक अनुमति मिलने का अर्थ यह नहीं है कि भूमि का इस्तेमाल किसी भी दूसरे काम के लिए किया जा सकता है।

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हरियाणा की प्रदेश सरकार ने इस संबंध में पंजाब अनुसूचित सडक़ों तथा नियंत्रित क्षेत्रों में अनियमित विकास पर रोक संबंधी नियम 1965 में संशोधन किया है। इससे उद्योग लगाने के इच्छुक कारोबारियों और उद्यमियों के लिए अनुमति लेने की प्रक्रिया सरल होने की उम्मीद है। स्व-प्रमाणन का मतलब है कि आवेदक अपनी ओर से दी गई जानकारी और दस्तावेजों की सत्यता की जिम्मेदारी स्वयं लेगा।