home page

संक्रमण अक्सर बिना किसी लक्षण के फैलता है और समय के साथ गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है

 
The infection often spreads without symptoms and can progress to a serious illness over time
 | 
news

mahendra india news, new delhi                                                                                                          सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाथूसरी चौपटा के द्वारा गांव रंधावा के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बुधवार को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को टीके लगाए गए। इससे पहले टीकाकरण अभियान का शुभांरभ नाथूसरी चौपटा के बीडीपीओ डा. स्टालीन सिद्वार्थ सचदेवा व गांव के सरपंच सुभाष निर्बाण ने किया। यह अभियान बालिकाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में किशोरियों ने भाग लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बालिकाओं और उनके अभिभावकों को टीके के महत्व के बारे में भी जानकारी दी।

सीएचसी नाथूसरी चौपटा के प्रभारी डा. सिद्वांत आहुजा ने जानकारी देते हुए बताया कि एचपीवी एक वायरस है जो मुख्य रूप से महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) का प्रमुख कारण बनता है। यह संक्रमण अक्सर बिना किसी लक्षण के फैलता है और समय के साथ गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है। इसी कारण कम उम्र में ही इस वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाता है।

उन्होंने बताया कि यह टीका सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है और शरीर में वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है। यह भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को काफी हद तक कम करता है। किशोरावस्था में लगाया गया टीका अधिक प्रभावी माना जाता है।

WhatsApp Group Join Now

बीडीपीओ डा. स्टालीन सिद्वार्थ सचदेवा ने बताया कि समय पर टीकाकरण से महिलाओं में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के मामलों को काफी हद तक रोका जा सकता है। अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों को इस महत्वपूर्ण टीकाकरण अभियान में अवश्य शामिल कराएं।
उन्होंने कहा कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की सभी लड़कियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस गंभीर बीमारी के खतरे को कम किया जा सके।
इस अवसर पर स्कूल की प्राचार्या डा. नीरू सलुजा, डा. शीतल, एनएनएम सुमन देवी, एमपीएचडब्ल्यू कुलदीप, आशा वर्कर व अन्य गांव के ग्रामीण मौजूद रहे।