पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में उठा सिरसा में कचरे का मसला, न्यायालय ने सरकारी पक्ष से कल फिर तर्क रखने को किया निर्देशित
सिरसा। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में गुरुवार को सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया की ओर से कूड़े कचरे की सफाई को लेकर लगाई गई याचिका पर सुनवाई हुई और इस मामले में उच्च न्यायालय की ओर से कल तक सरकार को अपना जवाब दाखिल करने को निर्देशित किया गया है। सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया की ओर से लगाई गई याचिका के पक्ष में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अर्पणदीप नरूला न्यायालय में पेश हुए और सिरसा शहर में फैले कूड़ा कचरा और इससे होने वाली संभावित बीमारियों को लेकर विस्तृत ब्यौरा रखा।
सरकार की ओर से हालांकि अपने बचाव में सिरसा को पांच जोन में विभाजित कर व्यवस्था को बेहतर बताने का प्रयास किया गया और इसी कड़ी में एक जोन में पूरी तरह सफाई व्यवस्था को सही ठहराने का प्रयास किया, मगर अधिवक्ता अर्पणदीप नरूला ने इस पक्ष को पूरी तरह से हाशिए पर रखते हुए माननीय न्यायालय को सूचित किया कि जिस जोन को सरकार की ओर से बेहतर बताया जा जा रहा है वहां कल 15 मई को सीएम हरियाणा का दौरा है, इसलिए वहां से थोड़ा बहुत कचरा उठाया गया है, वर्ना पूरे शहर की अवस्था ऐसी है कि वहां से किसी भी आमजन का गुजर नहीं हो सकता।
अधिवक्ता अर्पणदीप नरूला ने यह भी तर्क दिया कि स्वच्छता आम आदमी के लिए प्राथमिकता है और इसके लिए सरकार अथवा स्थानीय प्रशासन इसे करवाने के लिए बाध्य है। अधिवक्ता नरूला ने कहा कि सरकार को इसके लिए वैकल्पिक प्रबंध करने चाहिएं और दिन प्रतिदिन स्वच्छता को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। दमदार तर्कों के आधार पर अब पंजाब एवं उच्च न्यायालय ने सरकारी पक्ष को अपना तर्क रखने के लिए कल पुन: सुनवाई के लिए निर्देशित किया है।
