सीएम विन्डो पर चार साल बाद खुली खण्ड कार्यालय ओढां की नींद, जांच शुरू होने पर शिकायतकर्ताओं ने मिठाई बांटकर व ढोल बजाकर सिस्टम पर किया कटाक्ष
mahendra india news, new delhi
सिरसा। लगभग चार वर्षों से लंबित पड़ी मुख्यमंत्री विंडो शिकायत संख्या सीएम आॅफ/एन/2022/057411 एवं सीएम आॅफ/एन/2022/057416 पर आखिरकार खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, ओढां द्वारा शिकायतकर्ताओं को जांच के लिए बुलाए जाने पर गांव ख्योंवाली में खुशी का माहौल देखने को मिला। शिकायतकर्ता सुभाष चंद्र एवं बृजलाल ने खण्ड कार्यालय ओढां के बाहर मिठाई बांटकर तथा ढोल बजाकर खण्ड कार्यालय ओढां की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए अपना रोष प्रकट किया। उनका कहना था कि चार साल बाद आखिर खण्ड कार्यालय ओढां की नींद खुली है। मामला गांव ख्योंवाली स्थित अनुसूचित जाति चौपाल (संत रविदास भवन) से जुड़ा हुआ है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार जिला प्रशासन सिरसा की अनुमति के बिना चौपाल परिसर में लगे तीन हरे-भरे पेड़ों को काट दिया गया तथा चौपाल के कमरों के दरवाजे और खिड़कियां निकालकर बेच दिए गए। उनका यह भी आरोप है कि जनवरी 2026 में जांच लंबित रहने के दौरान ही चौपाल के कमरों को भी बिना अनुमति के तोड़ दिया गया तथा चौपाल पर कब्जा स्थापित कर लिया गया। शिकायतकर्ताओं का ये भी आरोप है कि पिछले चार वर्षों तक मामले में कार्रवाई करने के बजाय खण्ड कार्यालय ओढां और थाना ओढां एक-दूसरे को पत्र लिखकर जिम्मेदारी टालते रहे। वर्ष 2023 में ओढां थाना प्रभारी अनिल कुमार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि वहां कोई पेड़ नहीं थे और न ही कमरों के दरवाजे-खिड़कियां थीं।
वर्ष 2024 में अनिल कुमार ने दूसरी रिपोर्ट में उल्लेख किया कि पेड़ आंधी से गिर गए तथा कमरों का कोई साक्ष्य नहीं मिला। वहीं वर्ष 2025 में अन्य दूसरे थाना प्रभारी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा कि इस मामले में कार्रवाई करना खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी का दायित्व है तथा पुलिस को बार-बार पत्र भेजकर टाल मटोल की जा रही है। उप-पुलिस अधीक्षक कालांवाली ने दोनों रिपोर्ट को खारिज कर दिया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर ने भी उपायुक्त, सिरसा को इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने संबंधी पत्र भेजा था। इसके बाद उप-मण्डल अधिकारी (ना.), कालांवाली द्वारा गठित विजिलेंस कमेटी ने अपने पत्र क्रमांक 1886 दिनांक 22 अप्रैल 2026 में पुष्टि की कि एससी चौपाल के तीन हरे पेड़ काटे गए तथा चौपाल के भवन को भी तोड़ा गया है और कब्जा स्थापित करने हेतु विभिन्न तरह के निर्माण किये गये हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इसके बावजूद लंबे समय तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता बृजलाल ने आरोप लगाया कि जब भी जांच शुरू होती है तो आरोपियों द्वारा अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए लाइब्रेरी जैसे दिखावटी कार्य शुरू कर दिए जाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी एक सीएम विंडो शिकायत को दूसरे गांव पन्नीवाला मोटा की एटीआर लगाकर दफ्तर दाखिल कर दिया गया था और शिकायतकर्ता सुभाष चन्द्र ने बताया कि इसी मामले में मेरी शिकायत को दफ्तर दाखिल करने के लिए चार साल से लगातार फर्जी तरीके से रिपोर्ट बना बना कर गुमराह किया जाता रहा है। हर महीने खण्ड कार्यालय ओढां विरोधभासी रिपोर्ट देते रहे, जिसकी जांच होना अति आवश्यक है।
आज पहली बार खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी, ओढां द्वारा शिकायतकर्ताओं को जांच के लिए बुलाए जाने पर शिकायतकतार्ओं ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताते हुए खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अब निष्पक्ष जांच होगी तथा यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा कि यदि अब भी उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों एवं न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। इस मामले में पूर्व सरपंच रीना बीरट ने बताया कि गांव ख्योंवाली की एससी चौपाल लगभग चार कनाल भूमि पर स्थित है, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत करोड़ों रुपये आंकी जाती है। उन्होंने कहा कि अपने सरपंच कार्यकाल (2012-13) में उन्होंने चौपाल का नाम बदलकर रविदास भवन कराया तथा ग्रामीणों की सुविधा के लिए यहां मैरिज पैलेस बनाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा था। उनके अनुसार उनके कार्यकाल के बाद इस भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर लिया गया, अपने-अपने नाम के शिलान्यास पत्थर लगा दिए गए तथा प्रस्तावित मैरिज पैलेस के मैदान में बीच-बीच में प्रतिमाएं स्थापित कर दी गईं।
रीना बीरट ने यह भी आरोप लगाया कि इस भूमि के राजस्व रिकॉर्ड (फर्द जमाबंदी) में भी छेड़छाड़ की गई, ताकि हरियाणा सरकार 06 फरवरी 2010 की एक पोलिसी धार्मिक स्थलों पर कब्जा देने वाली पॉलिसी के आधार पर भविष्य में इस जगह पर भी कब्जा स्थापित करके यहां दुकानें बनाई जा सके तथा ग्राम पंचायत के पट्टा रजिस्टर में 08 सितंबर 2018 को भवन के दरवाजे और खिड़कियों की नीलामी नियमों की अनदेखी करते हुए कर दी गई। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की और इस स्थान को गांव में मैरिज पैलेस के लिए इस्तेमाल होना चाहिए। ताकि गांव के लोगों को व गरीब परिवारों के बच्चों की शादी या अन्य समारोह में सहुलियत मिल सके।
पूर्व जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस रीना बीरट ने इस वक्तव्य के माध्यम से मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार नायब सिंह सैनी को सुझाव दिया कि अगर आप केवल सी एम विन्डो की सिरसा की शिकायतों की ही अच्छी प्रकार से मोनिटरिंग कर लें तो आप को ग्रीवेंस बैठकों के लिए हजारों लीटर तेल खर्च करके सिरसा आने की जरूरत नहीं है। क्योंकि सी एम विन्डो पर सीनियर अधिकारियों की कोई निगरानी नहीं है, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। ग्रीवेंस बैठकों में तो केवल 10 से 15 शिकायतों की ही सुनवाई होती है। बाकि लोग कहां जाएं।
