जेसीडी विद्यापीठ में श्री शिव शक्ति धाम की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ
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जेसीडी विद्यापीठ, सिरसा परिसर में पिछले एक वर्ष से सर्वधर्म समभाव की भावना को साकार करता हुआ एक भव्य मंदिर निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि इसमें सभी धर्मों के प्रतीकात्मक स्वरूप को समाहित किया गया है, जो आपसी भाईचारे, सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का संदेश देता है।
मंदिर के भव्य प्राण प्रतिष्ठा एवं हवन कार्यक्रम का आयोजन 7 फरवरी से 12 फरवरी तक किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत 7 फरवरी को कलश यात्रा एवं पंचांग पूजन के साथ शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात 8 फरवरी को जलाधिवास व विविध पूजन, 9 फरवरी को अन्नाधिवास व फलाधिवास तथा 10 फरवरी को पुष्पाधिवास व वस्त्राधिवास संपन्न होंगे। वहीं 11 फरवरी को नेत्र पूजन, शोभा यात्रा, प्राण प्रतिष्ठा एवं हवन का आयोजन किया जाएगा, जबकि 12 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन होगा।
इस पावन आयोजन में कथा प्रवक्ता के रूप में परम पूज्य रजनीशाचार्य जी महाराज (श्री वृन्दावन धाम) अपने श्रीमुख से धर्मकथा का वाचन करेंगे, जबकि कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती कांता सिंह चौटाला होंगी।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश ने बताया कि जेसीडी विद्यापीठ परिसर में पहले कोई मंदिर नहीं था और लंबे समय से सभी की यह भावना व अपेक्षा थी कि परिसर में एक ऐसा मंदिर होना चाहिए, जो आस्था और सद्भाव का केंद्र बने। उन्होंने कहा कि यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र होगा, बल्कि विद्यार्थियों एवं समाज के लिए नैतिक मूल्यों, आपसी सौहार्द और मानवीय एकता की प्रेरणा भी बनेगा।
उन्होंने बताया कि मंदिर में विभिन्न धर्मों की मूर्तियों की स्थापना कर सर्वधर्म समभाव की अवधारणा को साकार किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह मंदिर आस्था, भाईचारे और आपसी सम्मान का प्रतीक है तथा जेसीडी विद्यापीठ सदैव शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विकास को भी समान रूप से महत्व देता रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के प्रथम दिवस आज कलश यात्रा एवं पंचांग पूजन विधिपूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें विद्यापीठ परिवार के सभी वर्गों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ सहभागिता की।
इस अवसर पर जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश के साथ सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।
मंदिर परिसर में सर्वप्रथम पंचांग पूजन किया गया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन की सुगंध और भक्तों की आस्था ने एक दिव्य वातावरण का सृजन किया। तत्पश्चात सभी ने मिलकर जेसीडी परिसर के भीतर श्रद्धा और उत्साह के साथ कलश यात्रा निकाली, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
अंत में महानिदेशक डॉ. जय प्रकाश ने सभी श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों और कर्मचारियों से अधिक संख्या में कार्यक्रम में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह आयोजन जेसीडी विद्यापीठ के इतिहास में एक स्मरणीय अध्याय सिद्ध होगा तथा समाज को एकता और सद्भाव का संदेश देगा।
