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सीडीएलयू SIRSA में नैक एवं रैंकिंग पर तीन दिवसीय कार्यशाला संपन्न

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Three-day workshop on NAAC and Ranking concludes at CDLU SIRSA

Mahendra india news, new delhi

चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय (CDLU), सिरसा के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) द्वारा आयोजित नैक प्रत्यायन एवं विश्वविद्यालय रैंकिंग विषय पर आधारित तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन आज टैगोर लेक्चर थिएटर में आयोजित वेलेडिक्ट्री सत्र के साथ सफलतापूर्वक हुआ।
कार्यशाला में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा आईक्यूएसी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

Three-day workshop on NAAC and Ranking concludes at CDLU SIRSA

सत्रों के दौरान नैक के विभिन्न मानदंडों, परिणाम-आधारित शिक्षा, संस्थागत श्रेष्ठ प्रक्रियाओं, ए-क्यूआर तैयार करने तथा राष्ट्रीय रैंकिंग सुधार की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। समापन सत्र को संबोधित करते हुए कुलगुर प्रो. विजय कुमार ने कहा कि गुणवत्ता सुधार एक सतत प्रक्रिया है और इसमें विश्वविद्यालय के प्रत्येक सदस्य की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे कार्यशाला में प्राप्त ज्ञान को शिक्षण, अनुसंधान, प्रशासन और छात्र सेवाओं में प्रभावी रूप से लागू करें।


कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. एस.के. चक्रवर्ती, पूर्व डीन (शैक्षणिक), एनआईटी कुरुक्षेत्र ने नैक ढांचे और रैंकिंग प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए पारदर्शिता, नवाचार और डाटा आधारित कार्यप्रणाली पर बल दिया। डॉ. चक्रवर्ती ने कहा कि “गुणवत्ता को केवल एक औपचारिक प्रक्रिया न मानकर उसे संस्थान की प्राथमिकता (फोकस) बनाना चाहिए। जब गुणवत्ता प्रत्येक गतिविधि का केंद्र बिंदु बनती है, तभी संस्थान निरंतर प्रगति कर सकता है।डॉ. चक्रवर्ती ने यह भी कहा कि संस्थान एवं विभाग स्तर पर अल्पकालिक (शॉर्ट टर्म) एवं दीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म) योजनाओं का स्पष्ट निर्धारण होना चाहिए।

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इसके साथ ही पर्सपेक्टिव प्लान तैयार कर भविष्य की आवश्यकताओं एवं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाना समय की मांग है।इस अवसर पर विभिन्न विभागों  के अध्यक्षों ने भी प्रतिपुष्टि दी और शार्ट टर्म योजनाएं सांझी की। आईक्यूएसी  निदेशक प्रोफेसर राजकुमार ने सभी का स्वागत किया गया जबकि धन्यवाद आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर डॉ मंजू नेहरा द्वारा किया गया । कार्यशाला को सफल बनाने में डॉ सतपाल तथा रोबिन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  अंत में मुख्य वक्ता को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।