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अगले 48 घंटे में 12 प्रदेशों में आंधी-बरसात का अलर्ट, 70 की गति से चलेगी हवा, हरियाणा राजस्थान में ऐसा रहेगा मौसम

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Thunderstorm and rain alert in 12 states in the next 48 hours, winds will blow at a speed of 70 km/h, weather will be like this in Haryana and Rajasthan
mahendra india news, new delhi

मौसम में एक फिर से बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम में आज बुधवार यानि 22 अप्रैल 2026 को भी बदलाव देखने को मिलेगा। वैसे देखे तो कई प्रदेशों में भीषण गर्मी ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल के माह में ही दोपहर के वक्त बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर और पूर्वी देश के कुछ हिस्सों में झमाझम बरसात का दौर जारी है। भारत मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत के कुछ स्थानों में भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की है। मौसम विभाग ने कुल 12 प्रदेशों होने का अलर्ट जारी किया है।

भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 21 से 25 अप्रैल के बीच गरज-चमक के साथ तेज बरसात हो सकती है। इस दौरान असम और मेघालय में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। जबकि अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी वर्षा होने का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 25 और 26 अप्रैल को हल्की से मध्यम स्तर की बरसात हो सकती है।


हरियाणा, यूपी मेंं मौसम ऐसा 
मौसम विभाग ने यूपी, हरियाणा और पंजाब में अगले तीन दिनों तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के मुताबिक लू धीरे-धीरे पूर्वी भारत और उससे सटे मध्य भारत की ओर फैलेगी। देश के कई राज्यों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। 

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मौसम विभाग ने अंदेशा जताया है कि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब के कुछ इलाकों में 21 से 24 अप्रैल के दौरान लू चलने की प्रबल संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश,पश्चिमी यूपी, ओडिशा और राजस्थान में 22 से 25 अप्रैल तक लू चलने की संभावना है।


मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों पर 3.1 किमी ऊंचाई पर ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर 0.9 किमी ऊँचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।


एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण उत्तर-पूर्व असम पर 1.5 किमी ऊँचाई पर स्थित है। तेलंगाना से लेकर कोमोरिन क्षेत्र तक, रायलसीमा और आंतरिक तमिलनाडु के ऊपर 1.5 किमी तक एक ट्रफ (द्रोणिका) बनी हुई है।


पूर्वी बिहार से दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश तक, झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए निचले स्तर पर एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ बनी हुई है। आंतरिक महाराष्ट्र और आसपास के तेलंगाना व उत्तर आंतरिक कर्नाटक के ऊपर 3.1 से 5.8 किमी के बीच एक एंटी-साइक्लोन विकसित हुआ है।