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हरियाणा में आज से सफर करना होगा महंगा, टोल दरों में इतनी फीसद की बढ़ोतरी, नकद भुगतान पर पूरी तरह रोक

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Travelling in Haryana will be more expensive from today, toll rates have been increased by this much percent, and cash payments are completely banned
mahendra india news, new delhi

हरियाणा प्रदेश में अब सफर करना होगा महंगा होगा। राष्ट्रीय राजमार्गों पर एक अप्रैल यानि बुधवार से निजी गडिय़ों में यात्रा करना महंगा होगा। टोल की नई दरें आज मंगलवार की रात्रि 12 बजते ही शुरू होगी। जानकारी के अनुसार टोल में औसतन 5 फीसद तक की बढ़ोतरी हुई है। विशेषकर दिल्ली-गुरुग्राम, कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे समेत प्रमुख हाईवे पर आने-जाने वालों का मासिक खर्च बढ़ेगा।

आपको बता दें कि हरियाणा प्रदेश में 75 टोल प्लाजा हैं, जिन पर एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ) की ओर से टोल वसूल किया जाता है। नई दरों के तहत अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों के लिए टोल शुल्क में बढ़ोतरी लागू कर दी जाएगी। यह बढ़ोतरी थोक मूल्य सूचकांक के आधार पर तय की जाती है। इस बार से नकद भुगतान पर पूरी तरह रोक रहेगी और केवल फास्ट टैग या डिजिटल भुगतान ही मान्य होगा।


आपको बता दें कि सबसे अधिक व्यस्त  दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे (एनएच-48) पर खेडक़ी दौला टोल प्लाजा पर 5 रुपये से 15 रुपये तक बढ़ाया गया हैं। पिछले वर्ष नवंबर में भी यहां पर टोल दरों में 15 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई थी। इसी के साथ ही हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-152 पर थाना टोल प्लाजा पर हर श्रेणी में 5 रुपये से 10 रुपये रेट बढ़ेगा। पहले कार/जीप/वैन के लगभग 85 रुपये से 95 (प्रति टोल प्लाजा, औसत) थे। अब नई दरों के अनुसार अब यह दरें 90 रुपये से 105 रुपये होंगी। प्रति यात्रा 5 रुपये से 10 रुपये तक बढ़ोतरी हुई है।

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इसी के साथ ही हल्के वाणिज्यिक गाडिय़ों को पहले 140 रुपये से 160 रुपये देने पड़ते थे। अब 150 रुपये से 175 रुपये देने होंगे। बस/ट्रक (2-एक्सल) वाहनों को पहले 290 रुपये से 320 रुपये तक देने पड़ते थे जो अब बुधवार यानि 1 अप्रैल से 310 से 350 रुपये तक होंगे। इस श्रेणी के गाडिय़ों की टोल दरों में 20 से 30 तक बढ़ोतरी की गई है। भारी वाहन (मल्टी-एक्सल) श्रेणी के लिए पहले 450 रुपये से 500 रुपये थे।

नई दरें 480 से 540 रुपये तक होंगी। हालांकि आपको बता दें कि यह दरें अलग-अलग टोल प्लाजा पर दूरी और प्रोजेक्ट के हिसाब से थोड़ी अलग हो सकती हैं। फस्ट टैग की वार्षिक पास की फीस भी 3 हजार रुपये से बढक़र तीन हजार 75 रुपये हो जाएगी।