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CDLU SIRSA में पगड़ी बांधने और दमाला पहनने के मुकाबले आयोजित

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Turban tying and Damala wearing competitions organised in CDLU SIRSA

mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में बैसाखी के पावन अवसर पर पंजाबी विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत दस्तार (पगड़ी) बांधने और दमाला पहनने के मुकाबले आयोजित किए गए। दमाला पहनने के मुकाबले में लड़कियों सरबजीत कौर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि हुसनप्रीत कौर दूसरे स्थान पर रहीं।

लड़कों के वर्ग में जसनूर सिंह ने पहला स्थान हासिल किया और हरजिंदर सिंह दूसरे स्थान पर रहे तथा खुशप्रीत व अँकुश तृतीय स्थान पर रहे। वहीं मनदीप सिंह, हरशवीर सिंह, गुरजीत सिंह व सतनाम सिंह को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर मानविकी संकाय के डीन व पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर सेवा सिंह बाजवा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।प्रोफेसर सेवा सिंह बाजवा ने कहा कि सिखों को वर्तमान आज़ादी की मान्यता के लिए महाराजा रणजीत सिंह का अमूल्य योगदान है। उन्होंने सभी को सिख इतिहास के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।


पंजाबी विभाग के प्राध्यापक गुरसाहिब सिंह ने बैसाखी के इतिहास पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए उपस्थित विद्यार्थियों को इसकी महत्ता से अवगत कराया। उन्होंने कहा की बैसाखी का पर्व भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह न केवल रबी की फसल के पकने की खुशी का प्रतीक है, बल्कि सिख इतिहास में भी इसका विशेष महत्व है।

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वर्ष 1699 में दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी ने इसी दिन खालसा पंथ की स्थापना की थी, जिससे यह पर्व धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से और भी पावन बन जाता है। बैसाखी आपसी भाईचारे, एकता और नई शुरुआत का संदेश देती है।मंच संचालन डॉ चरणजीत कौर ने किया तथा विभाग के प्राध्यापक मनप्रीत सिंह व राजविंदर कौर भी उपस्थित रहे।