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सीडीएलयू सिरसा में दो दिवसीय कलरव द लिटरेरी फेस्टिवल का हुआ शुभारंभ

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  Two-day Kalrav The Literary Festival inaugurated at CDLU Sirsa

भारतीय संस्कृति विश्व की सर्वश्रेष्ठ संस्कृति है और भारतीय ज्ञान परम्परा को व्यवहारिक रूप से लागू करके शिक्षा प्रणाली को ओर अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावशाली बनाया जा सकता है। वर्तमान समय में शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने युवाओ की एनर्जी को चैनेलायिज  करके उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास हेतू किताबी ज्ञान के साथ-साथ उन्हें व्यवहारिक रूप से दक्ष करे।




यह विचार दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स, रोहतक के कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी, सिरसा के डिपार्टमेंट ऑफ इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेज तथा छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय कलरव - द लिटरेरी फेस्टिवल का शुभारंभ करने के उपरांत उपस्थितजनो को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता के बिना मनुष्य केवल मशीन के समान है।



 इसलिए संगीत, कला एवं साहित्य मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं अभिव्यक्ति कौशल का विकास होता है। उन्होंने साहित्य और भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता को निखारते हैं तथा उनमें सृजनात्मक सोच को विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को साहित्यिक गतिविधियों में बढ़-चढक़र भाग लेने के लिए प्रेरित किया।


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीडीएलयू के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार ने कहा कि इस आयोजन का नाम "कलरव" ही इसकी सार्थकता को व्यक्त करता है। यह मंच विद्यार्थियों की प्रतिभा, उत्साह और सृजनात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। प्रो. विजय कुमार ने कहा कि "कलरव" जैसे साहित्यिक महोत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि भाषा और साहित्य समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है। इस अवसर पर डिपार्टमेंट ऑफ इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेज के अध्यक्ष प्रोफेसर पंकज शर्मा ने बताया कि इस दो दिवसीय कार्यक्रम में इवेंट मैनेजमेंट का कार्य विभाग के शोधार्थियों  विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा है।




अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत प्रो. उमेद द्वारा किया गया। कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर अनु शुक्ला ने कहा कि यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मकता एवं अभिव्यक्ति कौशल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर अंग्रेजी विभाग की छात्रा वनिता तथा संगीत विभाग के विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। कार्यक्रम में मंच का संचालन शोधार्थी कल्पना एवं उमा द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया।



समारोह में प्रो. सुल्तान ढांडा, डीएसडब्ल्यू प्रो. सुरेंद्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजकुमार, प्रोफेसर मोहम्मद काशिफ किदवई, प्रोफेसर प्रियंका सिवाच, प्रोफेसर मंजू नेहरा, प्रोफेसर अशोक मलिक, प्रोफेसर राजकुमार सिवाच, डॉ रविंद्र, डॉ अमित सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, गैर-शिक्षण कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में डॉ. प्रियंका नैन ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का धन्यवाद ज्ञापित किया।