अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत सूरतगढ़ स्टेशन का लुक देखने लायक, हेरिटेज लुक के साथ यात्रियों को मिल रही बेहतर सुविधाएं
Under the Amrit Bharat Station Scheme, the look of Suratgarh station is worth seeing, along with the heritage look, passengers are getting better facilities.
| Apr 17, 2026, 10:03 IST
अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों की कायाकल्प की जा रही है। इससे अब रेलवे स्टेशन सुंदर नजर आने लगे हैं। अब इसी कड़ी में उत्तर- पश्चिम रेलवे, बीकानेर मंडल के सूरतगढ़ स्टेशन के पुनर्विकास कार्य का प्रथम चरण पूर्ण कर लिया गया है। स्टेशन भवन के समरूप में बड़े स्तर पर सुधार कार्य, स्टेशन की ओर आने-जाने वाले मार्ग में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग प्रावधान का कार्य, बाउंड्री वॉल, सर्कुलेटिंग एरिया में सौंदर्य करण, दोपहिया, चौपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग सुविधा, बुकिंग ऑफिस रिटायरिंग रूम आदि में सुधार, नए टॉयलेट ब्लॉक्स का कार्य अंतिम चरण में है और लगभग 99 प्रतिशत कार्य हो चुका है।
रेलवे स्टेशन पर करीबन 20.25 करोड़ की लागत से होने वाले पुनर्विकास कार्यों में उपरोक्त कार्यो के अलावा सौंदर्य वर्धन के लिए एलइडी लाइटिंग, तथा दीवारों पर आर्टवर्क भी किया गया है । स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार अत्यन्त आकर्षक है,जिसकी छत पर स्थानीय कला एवं संस्कृति का समन्वय करते हुए कलाकारों द्वारा आकर्षक पेंटिंग की गई है। सूरतगढ़ स्टेशन पर परंपरा के साथ आधुनिक सुविधाओं के समन्वय का आभास होता है।इन सभी सुविधाओं का दिव्यांगजनों तक पहुंच बनाने के लिए उपयुक्त साइनेज भी लगाया गया है।
इसके अलावा यात्री सूचना प्रणाली में सुधार हेतु के कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड, मल्टीलाइन डिस्पले बोर्ड्स, सिंगल लाइन डिस्प्ले बोर्ड, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, बड़े एलइडी स्क्रीन्स तथा जीपीएस आधारित डिजिटल क्लॉक भी लगाया गया है । स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा पैदल पुल भी बनाया जाएगा जिसकी अनुमानित लागत लगभग 9.96 करोड़ रुपए है।
स्टेशन की प्रकाश व्यवस्था, सुगम,निर्बाध एवं निरंतर तकनीकी रेल कार्यों के संचालन हेतु हरित ऊर्जा उत्पादन हेतु लगभग 22 लाख रुपए की लागत से 50 किलोवाट का सोलर ऊर्जा प्लांट भी स्थापित किया गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस स्टेशन के पुनर्विकसित होने से यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी,आवागमन सुगम होगा एवं व्यापारी वर्ग भी लाभान्वित होगा। स्टेशन के पुनर्विकास से स्थानीय कारीगर एवं मजदूरों को रोजगार मिला है जिससे उनकी आय बढ़ी है।
स्टेशन के पुनर्विकसित होने से पर्यटन,स्थानीय हस्तशिल्प कला आदि को बढ़ावा मिलेगा जिससे क्षेत्र की लोकप्रियता बढ़ेगी एवं साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इस प्रकार स्टेशन के पुनर्विकास से क्षेत्र का आर्थिक और सामाजिक विकास भी होगा। उल्लेखनीय है कि बीकानेर रेल मंडल पर 22 स्टेशनों का पुनर्विकास एवं बीकानेर स्टेशन का मेजर अपग्रेडेशन हो रहा है।
रेलवे स्टेशन पर करीबन 20.25 करोड़ की लागत से होने वाले पुनर्विकास कार्यों में उपरोक्त कार्यो के अलावा सौंदर्य वर्धन के लिए एलइडी लाइटिंग, तथा दीवारों पर आर्टवर्क भी किया गया है । स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार अत्यन्त आकर्षक है,जिसकी छत पर स्थानीय कला एवं संस्कृति का समन्वय करते हुए कलाकारों द्वारा आकर्षक पेंटिंग की गई है। सूरतगढ़ स्टेशन पर परंपरा के साथ आधुनिक सुविधाओं के समन्वय का आभास होता है।इन सभी सुविधाओं का दिव्यांगजनों तक पहुंच बनाने के लिए उपयुक्त साइनेज भी लगाया गया है।
इसके अलावा यात्री सूचना प्रणाली में सुधार हेतु के कोच गाइडेंस डिस्प्ले बोर्ड, मल्टीलाइन डिस्पले बोर्ड्स, सिंगल लाइन डिस्प्ले बोर्ड, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, बड़े एलइडी स्क्रीन्स तथा जीपीएस आधारित डिजिटल क्लॉक भी लगाया गया है । स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा पैदल पुल भी बनाया जाएगा जिसकी अनुमानित लागत लगभग 9.96 करोड़ रुपए है।
स्टेशन की प्रकाश व्यवस्था, सुगम,निर्बाध एवं निरंतर तकनीकी रेल कार्यों के संचालन हेतु हरित ऊर्जा उत्पादन हेतु लगभग 22 लाख रुपए की लागत से 50 किलोवाट का सोलर ऊर्जा प्लांट भी स्थापित किया गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस स्टेशन के पुनर्विकसित होने से यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी,आवागमन सुगम होगा एवं व्यापारी वर्ग भी लाभान्वित होगा। स्टेशन के पुनर्विकास से स्थानीय कारीगर एवं मजदूरों को रोजगार मिला है जिससे उनकी आय बढ़ी है।
स्टेशन के पुनर्विकसित होने से पर्यटन,स्थानीय हस्तशिल्प कला आदि को बढ़ावा मिलेगा जिससे क्षेत्र की लोकप्रियता बढ़ेगी एवं साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इस प्रकार स्टेशन के पुनर्विकास से क्षेत्र का आर्थिक और सामाजिक विकास भी होगा। उल्लेखनीय है कि बीकानेर रेल मंडल पर 22 स्टेशनों का पुनर्विकास एवं बीकानेर स्टेशन का मेजर अपग्रेडेशन हो रहा है।
