HARYANA में नई फिनफिश हैचरी स्थापना पर मिलेगा 60 प्रतिशत तक अनुदान
Mahendra india news, new delhi
सरकार द्वारा मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत ताजे पानी में नई फिनफिश हैचरी स्थापित करने पर अनुदान प्रदान किया जा रहा है। यह एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है, जिसके माध्यम से मत्स्य किसानों को आधुनिक तकनीक आधारित हैचरी स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के तहत नई फिनफिश हैचरी की स्थापना के लिए प्रति यूनिट 25 लाख रुपये की इकाई लागत निर्धारित की गई है। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को इकाई लागत पर 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जबकि अनुसूचित जाति एवं महिला लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिलेगा।
योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी के पास परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। मीठे पानी की फिनफिश हैचरी की न्यूनतम क्षमता 15 मिलियन फ्राई प्रति वर्ष या 6 करोड़ स्पॉन प्रति वर्ष निर्धारित की गई है, जिसके लिए कम से कम 0.50 हेक्टेयर भूमि आवश्यक होगी। हैचरी का संचालन प्रशिक्षित एवं कुशल तकनीकी कर्मचारियों द्वारा किया जाना जरूरी होगा।
योजना के अनुसार हैचरी में ब्रूडर तालाब, नर्सरी तालाब, पालन टैंक, छोटी प्रयोगशाला, बिजली एवं पानी की सुविधा सहित अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं होना अनिवार्य है। साथ ही लाभार्थी को केंद्रीय सहायता प्राप्त हैचरी से उत्पादित बीज किसानों को उचित एवं वहनीय मूल्य पर उपलब्ध करवाना होगा।
SIRSA जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि लंबी अवधि के पट्टे पर ली गई भूमि पर स्थापित परियोजनाओं को भी योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए पात्र माना जाएगा, बशर्ते पट्टा अवधि कम से कम 10 वर्ष की हो। परियोजना में हैचरी मान्यता की लागत को शामिल करना भी आवश्यक होगा।
योजना के लिए आवेदन करते समय लाभार्थियों को जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, भूमि रिकॉर्ड, मत्स्य प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, बैंक खाता एवं पैन कार्ड विवरण, फोटो, बिल-रसीद तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) सहित आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने होंगे। विभाग के अनुसार लाभार्थियों को पीएमएमएसवाई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्व-निहित प्रस्ताव प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उन्होंने मत्स्य पालन के इच्छुक किसानों एवं युवाओं से इस योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने और आधुनिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
