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देहदान कर अमर हुए विजय खुराना, डेरा सच्चा सौदा से थे बेहद प्रभावित, मृत्यु से पहले ही देहदान के लिए परिवार को दी थी हिदायत

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Vijay Khurana became immortal by donating his body, was deeply influenced by Dera Sacha Sauda, ​​had instructed his family to donate his body even before his death

mahendra india news, new delhi
सिरसा । शहर के शाह सतनाम जी मार्ग स्थित ग्रेवाल बस्ती (बंद गली) निवासी 60 वर्षीय विजय खुराना का मंगलवार अल सुबह ब्रेन हेमरेज के चलते निधन हो गया। जीवनकाल में डेरा सच्चा सौदा से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े न होने के बावजूद वे संस्था की अमर सेवा मुहिम से बेहद प्रभावित थे। इसी कारण उन्होंने पहले ही अपने परिवार को स्पष्ट निर्देश दे दिए थे कि उनके निधन के बाद देहदान किया जा

ए। परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए मंगलवार को ब्लॉक सरसा के सहयोग से डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत उनका पार्थिव शरीर स्कूल आॅफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा अस्पताल को दान किया। देहदान से पूर्व उनके आवास पर अरदास का भजन बोला गया। उसके बाद फूल मालाओं से सुसज्जित पार्थिव देह को एंबुलेंस में रखकर अंतिम विदाई यात्रा निकाली गई।

इस दौरान शरीर दानी विजय खुराना अमर रहें और जब तक सूरज-चांद रहेगा, विजय खुराना तेरा नाम रहेगा जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों ने एंबुलेंस के साथ चलकर श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम विदाई के समय डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान शिक्षा का संदेश भी देखने को मिला। मृतक की बेटी पल्लवी, पुत्रवधू निशा, पुत्र कर्ण सहित अन्य परिजनों ने अर्थी को कंधा देकर समाज को समानता और मानवता का संदेश दिया।

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मृतक की पत्नी नीलम और पुत्र कर्ण ने बताया कि विजय खुराना का मानना था कि दाह संस्कार में शरीर नष्ट हो जाता है, जबकि देहदान से किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है। इसी सोच के चलते उन्होंने देहदान का निर्णय लिया। विजय खुराना अपने पीछे पत्नी नीलम, पुत्र कर्ण, पुत्री पल्लवी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इस अवसर पर सरसा ब्लॉक की साध-संगत के अलावा सचखंडवासी के परिजन, रिश्तेदार व सगे संबंधी और मोहल्लावासी मौजूद रहे।
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सरसा ब्लॉक प्रेमी सेवक कस्तूर सोनी इन्सां ने बताया कि विजय खुराना भले ही औपचारिक रूप से डेरा से जुड़े नहीं थे, लेकिन वे संस्था की अमर सेवा मुहिम से गहराई से प्रभावित थे। देहदान जैसा निर्णय मानवता के प्रति उनकी सोच और समाज के लिए उनके योगदान को दर्शाता है। डेरा सच्चा सौदा परिवार ऐसे सभी महान विचारों को नमन करता है और दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की कामना करता है।
फोटो: सरसा01- सचखंडवासी विजय खुराना को अंतिम विदाई देते परिजन व साध-संगत।