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नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में 5 हजार आबादी वाले रामपुरा ढिल्लों गांव में पानी की समस्या, 15 दिनों से नहीं पहुंचा घरों तक पानी

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Water crisis in Rampura Dhillon village (population 5,000) in the Nathusari Chopta area; water has not reached homes for 15 days
mahendra india news, new delhi

नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव रामपुरा ढिल्लो में पिछले 15 दिनों से भीषण पेयजल संकट से जूझ रहा है। करीब 5 हजार की आबादी वाला यह गांव पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि ग्रामीणों ने अब 19 जून को मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी पीड़ा सुनाने का फैसला किया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की लापरवाही के कारण गांव में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वाटर वर्क्स की स्थिति बदहाल बनी हुई है। यहां की डिग्गियां खाली पड़ी हैं, सफाई व्यवस्था नाममात्र की है, मोटर खराब पड़ी है और परिसर की दीवारें तक टूटी हुई हैं, जिससे आवारा पशु आसानी से अंदर प्रवेश कर जाते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि विभाग की अनदेखी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां वाटर वर्क्स पर 6 कर्मचारियों की आवश्यकता है, वहां केवल एक कर्मचारी के भरोसे पूरी व्यवस्था चलाई जा रही है। कर्मचारियों की भारी कमी के कारण समय पर रखरखाव और मरम्मत कार्य नहीं हो पा रहे हैं।

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आखिरी छोर के घरों तक नहीं पहुंचता पानी
गांव के ग्रामीण नंदलाल ढिल्लो ने बताया कि जब कभी पानी की सप्लाई आती भी है तो गांव के अंतिम हिस्से में स्थित घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता। ऐसे में कई परिवारों को निजी साधनों और टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है। सुखबीर ढिल्लो ने बताया कि खराब मोटर के कारण पानी की आपूर्ति लगातार प्रभावित हो रही है। समस्या को लेकर ग्रामीण कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।

ग्रामीणों में बढ़ रहा रोष, मुख्यमंत्री से लगाएंगे गुहार
सुरजाराम नंबरदार, सीताराम, कृष्ण ढाका, देवीलाल हुड्डा, सुरेंद्र, नंदलाल ढिल्लो, अमर सिंह राठौड़, रामूर्ति, रमेश शर्मा, अमर सिंह पुजारी, ओम बिडासरा, डॉ. इंद्रपाल, बलजीत, राजेंद्र टांडी, राजेंद्र ढिल्लो, सतबीर राजेश, दाताराम, अनिल बिडासरा ने बताया कि गांव में पिछले 15 दिनों से पानी की समस्या झेल रहे ग्रामीणों में विभाग के प्रति भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल ग्रामीणों ने 19 जून को मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करने का निर्णय लिया है। 


अश्वनी तायल, जेई, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद कर्मचारियों से बातचीत की गई है। जल्द ही गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। साथ ही तीन अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। 

गांव के सरपंच रविल सिंवर ने कहा कि गांव की पेयजल समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। जल्द ही स्थायी समाधान कराया जाएगा। जब भी ग्रामीणों को आवश्यकता पड़ी है, ग्राम पंचायत उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी रहेगी।