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हरियाणा में बदला मौसम, अगले तीन घंटे में इन जिलों में जबरदस्त बरसात, ये भी अलर्ट

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Weather changes in Haryana, heavy rain in these districts in the next three hours, this is also an alert
mahendra india news, new delhi

हरियाणा प्रदेश मेें शुक्रवार शाम को एकाएक मौसम बदल गया। इससे प्रदेश के कई जिलों में अगले तीन घंटों मेंं झमाझम बरसात होगी। मौसम को लेकर कृषि मौसम विज्ञान विभाग, चौधरी चरणसिंह हरियाणा  कृषि विश्वविद्यालय हिसार ने पूर्वानमान जारी किया है। 

आपको बता दें कि हकृवि  -भारत मौसम विज्ञान विभाग : अल्पअवधि मौसम पूर्वानुमान 29.05.2026 को  सांय 7.25 बजे जारी पूर्वानमान में अगले 3 घंटों मे कई जिलों में झमाझम बरसात होगी। इनमें नूह, पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, भिवानी, रेवाड़ी, झज्जर, रोहतक, हांसी  जिलों में तेज धूल भरी हवाओं व गरज चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। इस दौरान कुछ एक स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश भी संभावित

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 30 और 31 मई के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में तेज हवाओं के साथ मध्यम से तेज गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।मौसम वैज्ञानिकों ने 16 राज्यों में आंधी-तूफान बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक।

दिल्ली-एनसीआर का मौसम करवट लेने वाला है। तेज आंधी, तूफान और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट है। ये बदलाव 31 मई तक चलेगा। 70 ्यरूक्क॥ से हवाएं चल सकती हैं। 30 और 31 मई को आंधी और बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम वैज्ञानिकों ने 1-2 जून को बादल छाने की संभावना जताई है। 2 जून को फिर गर्मी बढ़ेगी।




 मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं। वेदर सिस्टम की बात करें तो मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक गर्त के रूप में पश्चिमी विक्षोभ, जिसका अक्ष समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर है, अब लगभग 75 डिग्री पूर्व देशांतर के अनुदिश अक्षांश 32 डिग्री उत्तर की ओर चलता है। उत्तरी आंतरिक ओडिशा और आसपास के क्षेत्र में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर स्थित एक चक्रवाती परिसंचरण  उपरोक्त गर्त में विलीन हो गया है।


मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर स्थित एक पछुआ गर्त, जिसका अक्ष लगभग 90 डिग्री पूर्व देशांतर के अनुदिश 21 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है, निरंतर बना हुआ है। इसके साथ ही मध्य असम और आसपास के क्षेत्र में निचले क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तमिलनाडु तट पर मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। दक्षिणपूर्वी अरब सागर और आसपास के मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण। पूर्वी मध्य और दक्षिणपूर्वी बंगाल की खाड़ी के निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना है।