16 जनवरी, 2026 का मौसम: पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा पंजाब व अन्य प्रदेश में होगी बरसात, अलर्ट
मौसम में आज शुक्रवार यानि 16 जनवरी, 2026 को बदलाव होने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल और माहे, साथ ही तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के आसपास के क्षेत्रों में पूर्वोत्तर मानसून की बारिश के समाप्त होने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल होती जा रही हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम सक्रिय है, जिसमें समुद्र तल से लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर हवा की गति करीब 120 नॉट दर्ज की जा रही है।
मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक द्रोणिका (ट्रफ) बनी हुई है, जिसकी धुरी समुद्र तल से लगभग 5.8 किमी की ऊँचाई पर 83ए पूर्व देशांतर, 23 डिग्री उत्तर अक्षांश से 78ए पूर्व देशांतर, 15 डिग्री उत्तर अक्षांश के बीच फैली हुई है।
एक नया पश्चिमी विक्षोभ 16 जनवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है।
मौसम की संभावित गतिविधि
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान, 16 से 20 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
18 से 20 जनवरी के बीच पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में तथा 19 से 20 जनवरी के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में छिटपुट बरसात हो सकती है। 16 जनवरी तक उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में सुबह और रात के समय घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इन राज्यों के अलग-अलग इलाकों में 19 जनवरी तक घना कोहरा बने रहने की आशंका है।
16 जनवरी तक राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में पाला पडऩे की संभावना है।अगले 24 से 48 घंटों के दौरान हरियाणा और पंजाब के अलग-अलग इलाकों में कोल्ड डे की स्थिति बनी रह सकती है। 16 जनवरी को पंजाब, हरियाणा तथा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड के कुछ एरिया में शीत लहर चलने की उम्ममीद है।
