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सनातन संस्कृति से समाज को दूर कर रही पाश्चात्य संस्कृति: साध्वी चण्डा भारती

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Western culture is distancing the society from Sanatan culture: Sadhvi Chanda Bharti

mahendra india news, new delhi
सिरसा। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से साहुवाला में मासिक सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय नव वर्ष विक्रम संवत 2083 श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और आध्यात्मिक वातावरण में भक्ति का आनंद उठाया।

 कार्यक्रम के दौरान आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी चण्डा भारती ने अपने प्रवचन में कहा कि पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण करने के कारण आज भारतीय समाज अपनी सनातन संस्कृति से दूर होता जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि भारतीय नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनाया जाता है, जिसका विशेष धार्मिक, वैज्ञानिक और प्राकृतिक महत्व है।

इस समय प्रकृति में नवचेतना का संचार होता है—पेड़ों पर नई कोपलें आती हैं, वातावरण में ताजगी बढ़ती है और यह समय नए कार्यों की शुरूआत के लिए शुभ माना जाता है। सत्संग में भजन-कीर्तन एवं आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को संस्कार, नैतिकता और आध्यात्मिक जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने भारतीय संस्कृति को बनाए रखने और उसे आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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