महिलाओं ने अपनी मेहनत से हासिल किया है हर मुकाम: चमन भारतीय
mahendra india news, new delhi
सिरसा। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सिरसा में कार्यरत चमन भारतीय शिक्षाविद ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर अपने विचार रखते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है। यह दिवस महिलाओं की सामाजिक,आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियां का जश्न मनाने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और शिक्षा, सुरक्षा समानता के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इसकी शुरूआत 20वीं सदी के प्रारंभ में महिला मजदूरों के संघर्ष और मतदान के अधिकार के लिए हुई थी। 1975 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को मान्यता दी।
इस दिवस के मनाने के पीछे प्रमुख उद्देश्य लैंगिक समानता को बढ़ावा देना, महिलाओं की उपलब्धियां का सम्मान ,अधिकारों के प्रति जागरूकता, भेद भाव हिंसा को समाप्त करना, सशक्तिकरण को बढ़ावा, शिक्षा व रोजगार में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। महिला दिवस पर जो कार्यक्रम किए जाते हैं, उनमें महिलाओं के लिए सेमिनार करना, सम्मान समारोह करना, महिलाओं ने जिस क्षेत्र में उपलब्धि प्राप्त की है चाहे वह विज्ञान है खेल है राजनीति है या सामाजिक क्षेत्र है, सभी क्षेत्रों में महिलाओं का सम्मान करना जागरूकता अभियान कार्यक्रम, विभिन्न जगह जागरूकता अभियान सरीखे कार्यक्रम करवाना, जिससे महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा हो और उनके प्रति आदर व सम्मान हो।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 का विषय या थीम है गिव टू गेन अर्थात लाभ के लिए प्रदत्त ताकि समाज, संस्थाएं और लोग महिलाओं के लिए अवसर समर्थन और संसाधन देते हैं तो इससे समाज और राष्ट्र को लाभ मिलता है। घर परिवार, चूल्हे चौके से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक महिलाओं ने सफलताओं के जो मुकाम हासिल किए हैं, उनका कोई सानी नहीं है, भोर में सूरज की पहली किरण से पहले उठकर निरंतर अथक परिश्रम करती हुई चहुं ओर हर क्षेत्र में राष्ट्र और मानवता के लिए वचनबद्ध अपने विवेक से प्रत्येक कार्य सफल और सुनिश्चित करती है। आइए इस दिवस पर हम-सब मिलकर महिलाओं का सम्मान करें, उनके प्रति आदर भावना और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध हों।
नारी का सम्मान करना भारत की एक रिवायत एक परंपरा रही है। इतिहास अनगिनत पन्नों के साथ वीरांगनाओं के शौर्य, बलिदान, त्याग, तपस्या और संवेदनाओं को समेटे हुए है। भारत देश गुरुओं, पीर पैगंबरों, फकीरों, संतों, वीरों, बहादुरों और शहीदों का देश है और यह संभव नारी के बिना हो ही नहीं सकता।
