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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में कार्य करना सभी के लिए देश सेवा और राष्ट्र भक्ति करने के समान है। महंत योगेश दास

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Working in the Rashtriya Swayamsevak Sangh is tantamount to serving the nation and being a patriot for everyone. Mahant Yogesh Das

mahendra india news, new delhi
 राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की श्रंृखला में सिरसा के विवेकानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के सभागार में प्रमुख नागरिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के तौर पर संघ के सह सरकार्यवाह अरूण कुमार उपस्थित रहे। राजकुमार ग्रोवर जिला संघ चालक, नरेंद्र गुप्ता संयोजक, ओमप्रकाश कथूरिया जिला संपर्क प्रमुख और पुनीत सरदाना सह जिला संपर्क प्रमुख के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत योगेश दास प्रधान भेख सठ दर्शन साधु समाज हरियाणा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ विवेकानंद स्कूल के बच्चों द्वारा वंदे मातरम गान और मुख्य वक्ता व अध्यक्ष द्वारा भारत माता चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ।

 राष्ट्र भक्ति करने के समान है। महंत योगेश दास

इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष योगेश दास ने कहा कि जब से मैं संघ के निकट गया और उसे समझा तथा स्वयं सेवकों के आचरण को जाना तो पता चला कि संघ कार्य वास्तव में देशभक्ति और देशप्रेम का कार्य है, जिसे समाज के हर व्यक्ति को करना चाहिए। तत्पश्चात कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संघ के सह सरकार्यवाह अरूण कुमार ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के 100 वर्ष की यात्रा और आगामी वर्षों में पंच परिवर्तन विषयों पर जानकारी दी।

उन्होंने संघ की स्थापना की वजह, समाज में संघ की भूमिका और दायित्व बारे विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर संघ कोई उत्सव नहीं मना रहा, क्योंकि संघ समाज को बनाने में जुटा है। उन्होंने कहा कि संघ पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज को समृद्ध और जागृत करने के संकल्प को पूरा करने में लगा है। उन्होंने कहा कि संघ आत्म अवलोकन कर रहा है कि उसने क्या किया और क्या करना है। उन्होंने कहा कि संघ का लक्ष्य आने वाले दिनों में 15 करोड़ परिवारों से सीधा संपर्क साधना है व देशभर में 15 हजार प्रमुखजन गोष्ठियों के माध्यम से सीधा संवाद कायम करना है।

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उन्होंने बताया कि विजय दशमी 1925 को शुरू हुए संघ की 100 वर्ष की यात्रा आसान नहीं रही, संघर्ष, उपहास और विरोध के बीच तपकर संघ निखरा है। संघ व्यक्तिगत चरित्र निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के लिए काम करता है। यह प्रतिक्रिया से उत्पन्न संगठन नहीं है और न ही इसकी किसी से प्रतिस्पर्धा है। संघ के सह सरकार्यवाह ने कहा कि देश को महान राष्ट्र बनाना है, राष्ट्र का भाग्य राष्ट्र का समाज ही बनाता है। समाज में कुछ कमियां है, जिन्हें दूर करने की जरूरत है। वर्तमान में समाज और राष्ट्र भक्ति में कमी आई है और व्यक्तिवाद को बढ़ावा मिला है। हर व्यक्ति मैं और मेरा परिवार तक सीमित हो गया है। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्र मजबूत होगा, तभी समाज सुरक्षित होगा। देशवासियों में राष्ट्र भक्ति का भाव दृढ़ होना चाहिए।

उन्होंने आगे बताया कि संघ चाहता है कि देश को आगे बढ़ाने के लिए समाज, पंच परिवर्तन पर काम करे, जोकि सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध (स्वदेशी), कुटुंब प्रबोधन व नागरिक कर्तव्य को अपनाकर ही देश पुन: विश्व गुरु के पथ पर आगे बढ़ पाएगा। उन्होंने इन विषयों पर विस्तार से वर्णन किया। अंत में जिला संपर्क प्रमुख ओमप्रकाश कथूरिया ने सभी मुख्य अतिथियों, प्रमुख नागरिकजन व स्कूल प्रबंधकों का धन्यवाद किया और सामुहिक राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

इस कार्यक्रम में संघ के प्रांत कार्यवाह प्रताप सिंह, सह प्रांत कार्यवाह प्रीतम कुमार, हिंदु जागरण मंच के प्रांत संगठक दीपक कुमार, विभाग कार्यवाह कृष्ण कुमार, विभाग प्रचारक पुनीत कुमार, जिला प्रचारक जसवीर सिंह, भारतीय इतिहास संकलन समिति के प्रांत अध्यक्ष रामसिंह यादव, जिला प्रचार प्रमुख पविकांत मित्त्तल, संस्कार भारती के जिलाध्यक्ष जयंत शर्मा, व्यवस्था प्रमुख नरेश कुमार, नगर कार्यवाह कर्मवीर, विजय कुमार, मनोज कुमार आदि उपस्थित रहे। इस अवसर पर संघ के 100 वर्ष की यात्रा की चित्र प्रदर्शनी और प्रचार विभाग द्वारा साहित्य बिक्री की स्टॉल भी लगाई गई।