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वर्ल्ड एजुकेशन समिट-2026: ऑनलाइन शिक्षा है विद्यार्थियों के भविष्य की नई राह: डॉ. अनिल धानुका

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World Education Summit 2026: Online education is the new path for students' future – Dr. Anil Dhanuka

mahendra india news, new delhi
36वें ईलेट्स विश्व शिक्षा सम्मेलन-2026 के अवसर पर तेजी से बदलते शैक्षणिक परिदृश्य में ऑनलाइन शिक्षा की बढ़ती उपयोगिता को रेखांकित करते हुए डॉ. अनिल धानुका ने इसे उच्च शिक्षा हासिल करने और करियर में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। 36वें ईलेट्स विश्व शिक्षा सम्मेलन-2026 के अवसर पर उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा उन लोगों के लिए नए अवसर खोल सकती है, जिन्हें नियमित रूप से कॉलेज जाकर पढ़ाई करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

नई दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में शिक्षा जगत से जुड़े विभिन्न प्रतिनिधियों ने भाग लिया। शिक्षा में तकनीक के उपयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शैक्षणिक व्यवस्था विकसित करने जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद डॉ. रवींद्र नारायण बेहरा, भारत सरकार के क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान, नीति आयोग के सदस्य प्रो. गोबर्धन दास, उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक अध्ययन एवं कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरि ओम, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा तथा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में कौशल शिक्षा एवं प्रशिक्षण के निदेशक डॉ. बिस्वजीत साहा शामिल हुए।

डॉ. धानुका ने कहा कि नौकरीपेशा युवाओं, व्यवसायियों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए आॅनलाइन तथा मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम पढ़ाई जारी रखने का उपयोगी विकल्प बन सकते हैं। मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों के नियमों के अनुसार संचालित पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार उच्च शिक्षा हासिल कर सकते हैं और अपनी शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक बढ़ाना आवश्यक है।

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डिजिटल माध्यम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, बशर्ते शिक्षा की गुणवत्ता और पाठ्यक्रमों की मान्यता पर उचित ध्यान दिया जाए। सम्मेलन में इस बात पर भी चर्चा हुई कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई तकनीकों के दौर में शिक्षा को रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप कैसे बनाया जाए। डॉ. धानुका का संदेश है कि शिक्षा के अवसरों का विस्तार लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और राष्ट्र के विकास में योगदान देने का महत्वपूर्ण माध्यम है।