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CDLU SIRSA में डॉ. भीमराव अंबेडकर के 135वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में युवा संगोष्ठी का आयोजन

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  Youth seminar organised at CDLU SIRSA to commemorate the 135th birth anniversary of Dr. Bhimrao Ambedkar
 mahendra india new delhi

 चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, SIRSA के विधि विभाग, संत शिरोमणि गुरु रविदास पीठ एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, सिरसा के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में डॉ. भीमराव अंबेडकर के 135वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में “युवा संगोष्ठी” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका” रहा।


मुख्य अतिथि डॉ. रविंद्र बलियाला, पूर्व चेयरमैन, एससी आयोग ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करें और अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं। उन्होंने बाबासाहेब के संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने उच्च मुकाम हासिल कर युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने जीवन में अनेक कठिनाइयों और अभावों का सामना किया, फिर भी उन्होंने अपने परिश्रम एवं संकल्प के बल पर स्वयं को सक्षम बनाया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे बाबासाहेब के जीवन से प्रेरणा लेकर संघर्ष एवं अनुशासन के साथ अपने लक्ष्यों को प्राप्त करें।

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विशिष्ट अतिथि आदित्य तकियार, राष्ट्रीय मंत्री, एबीवीपी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत युवाओं का देश है और राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया पर तथ्यपूर्ण एवं सकारात्मक सामग्री साझा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा।


इस अवसर पर वक्ताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को याद करते हुए उन्हें नमन किया। उन्होंने बताया कि बाबासाहेब ने भेदभाव, सामाजिक विकारों एवं असमानता के खिलाफ आवाज उठाई और भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय महिलाओं को समानता, शिक्षा एवं संपत्ति के कानूनी अधिकार दिलाकर सशक्तिकरण की मजबूत नींव रखी। हिंदू कोड बिल के माध्यम से विवाह, तलाक एवं उत्तराधिकार के अधिकार सुनिश्चित किए तथा मूकनायक जैसे पत्रों के जरिए समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया।


इस अवसर पर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रविंदर ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जुड़कर जिम्मेदार नागरिक के रूप में कार्य करना चाहिए। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। तत्पश्चात विधि विभाग के अध्यक्ष डॉ. रोहताश ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सफल संचालन संत शिरोमणि गुरु रविदास पीठ के प्रभारी डॉ. राकेश द्वारा किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।