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विवेकानन्द के विचारों को आत्मसात कर व्यवहार में लाएं युवा: कुलपति प्रो. विजय कुमार

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Youth should assimilate Vivekananda's thoughts and put them into practice: Vice Chancellor Prof. Vijay Kumar

mahendra india news, new delhi
सिरसा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सिरसा द्वारा राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे युवा पखवाड़ा के तहत चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालयए सिरसा में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति प्रांत सह कोषाध्यक्ष पुनित शर्मा, अध्यक्षता कुलपति प्रो. विजय कुमार, मुख्य अतिथि अमन चौपड़ा, विशेष उपस्थिति कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार, विभाग संगठन मंत्री पवन दूबे, जिला प्रमुख संदीप कुमार देशप्रेमी, जिला संयोजक संजीव रलिया, महिला महाविद्यालय प्राचार्य डा. शत्रुजीत सिंह, नगर अध्यक्ष डा. कपिल कुमार, प्रांत कार्य समिति सदस्य दिशा चावला, नगर कार्यालय मंत्री ममता, प्रिंस सहित अन्य कार्यकर्ता एवं प्राध्यापक गण उपस्थित रहे।

Youth should assimilate Vivekananda's thoughts and put them into practice: Vice Chancellor Prof. Vijay Kumar

मंच संचालन कुमारी दिशा चावला ने किया। अपने संबोधन के दौरान पुनित शर्मा ने कहा कि एबीवीपी ज्ञान, शील और एकता के मूल मंत्र के साथ राष्ट्र एवं छात्र हित में 1948-49 से अनवरत धरातल पर संघर्षरत है और आज स्वामी विवेकानंद जी को अपना प्रेरणा पुंज एवं आदर्श मानते हुए विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन के रूप भावी नेतृत्व कत्र्ता तैयार करने की अनूठी पाठशाला के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। विवेकानन्द जी के जीवन पर विस्तृत चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि महान विचारक एवं नोबेल पुरस्कार विजेता रविन्द्र नाथ टैगोर ने एक बार कहा था कि अगर आप भारत को जानना चाहते हो तो विवेकानंद का अध्ययन कीजिए।

उसमें सब कुछ सकारात्मक है, नकारात्मक कुछ भी नहीं। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद में प्राचीन और आधुनिक, प्राच्य और पाश्चात्य आदर्श और व्यवहार, राष्ट्रीय और वैश्विक, विज्ञान और अध्यात्म का अनूठा मिश्रण है। कुलपति प्रो. विजय कुमार ने अपने संबोधन के दौरान एबीवीपी की कार्य पद्धति की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि एबीवीपी एक अनूठा अनुशासित छात्र संगठन है।

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उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी से प्रेरणा लेकर वर्तमान युवा पीढ़ी को उनके बताए मार्ग पर चलते हुए उनके विचारों को आत्मसात कर अपने व्यवहार में लाने की आवश्यकता बल दिया। मुख्य अतिथि अमन चौपड़ा ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि स्वामी विवेकानंद जी महान संत होने के साथ-साथ एक ऐसे तेजस्वी प्रेरणास्रोत एवं मार्गदर्शक हैं, जिनसे प्रेरणा लेकर आज के युवा विकसित भारत के कर्णधार बन सकते हैं‌। आज की युवा पीढ़ी को विवेकानंद जी को पढऩा चाहिए और उनके बताए मार्ग पर चल कर अपने उज्ज्वल भविष्य निर्माण के साथ साथ राष्ट्र पुनर्निर्माण में अपना अविस्मरणीय, अतुलनीय योगदान देना चाहिए।