SIRSA में राष्ट्रीय एकता दिवस पर ‘रन फॉर यूनिटी’ दौड़ का आयोजन, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने दिखाई हरी झंडी
MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर शनिवार को स्थानीय पंचायत भवन में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पंचायत भवन से पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस तक रन फॉर यूनिटी दौड़ आयोजित की गई, जिसमें स्कूली बच्चों, खिलाड़ियों और नर्सिंग स्टाफ सहित आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर चेयरमैन रोहताश जांगड़ा ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन, अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल, नगर परिषद सिरसा के चेयरमैन शांति स्वरूप, एसडीएम राजेंद्र कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व अद्वितीय था। देश की आजादी के बाद भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती 562 रियासतों में बंटे देश को एक सूत्र में पिरोने की थी। सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से इस चुनौती को स्वीकार किया और सभी रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ-साथ किसानों के हितों के लिए भी संघर्ष किया।
सांसद ने कहा कि गुजरात में स्थापित सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा उनके महान व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान का प्रतीक है। इस प्रतिमा के निर्माण के लिए देशभर के गांवों से किसानों के खेतों की मिट्टी और खेती में उपयोग होने वाला लोहा एकत्रित किया गया था। हरियाणा में भी इस अभियान के तहत मिट्टी और लोहा एकत्रित कर गुजरात भेजा गया था। उन्हें इस अभियान में हरियाणा प्रदेश की स्टेट यूनिट का समन्वयक बनने का अवसर मिला था।
उन्होंने कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों, युवाओं और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे गुजरात जाकर सरदार पटेल की प्रतिमा के दर्शन करें और उनके जीवन से प्रेरणा लें। स्वतंत्रता सेनानियों ने एक मजबूत और एकजुट भारत का सपना देखा था। हम सभी को अपने कार्यक्षेत्र में रहते हुए देश के विकास और मजबूती में योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए।
वहीं जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की आजादी के बाद 562 रियासतों का भारतीय संघ में विलय करवाकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। यदि उस समय सरदार पटेल ने दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ यह कार्य नहीं किया होता तो भारत अनेक हिस्सों में बंटा रह सकता था।
उन्होंने युवाओं और बच्चों से आह्वान किया कि वे देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित ऐसे कार्यक्रम देशभक्ति और एकजुटता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष फुटेला, वरिष्ठ भाजपा नेता रत्नलाल बामणिया, हनुमान कुंडू, अंबर मेहता, श्याम बजाज, अमर सिंह घोटिया, सुमन शर्मा, भावना शर्मा, सुमन सैनी, अंग्रेज सिंह ओलख, विष्णु शर्मा और सागर केहरवाला सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
