बिश्नोई सभा सिरसा के 51वें स्थापना दिवस समारोह, जीवन में संगति की अह्म भूमिका: श्रद्धेय संत संदीप
mahendra india news, new delhi
सिरसा। बिश्नोई सभा, सिरसा के 51वें स्थापना दिवस समारोह के उपलक्ष्य में श्री गुरु जम्भेश्वर मन्दिर में चल रही साप्ताहिक जाम्भाणी हरिकथा ज्ञान-यज्ञ के चतुर्थ दिन विष्णु उपासी जाम्भाणी प्रचारक कथा वाचक श्रद्धेय संत संदीप ने बताया कि हम परमात्मा का जप करते हैं,
हमारी आस्था व विश्वास भी होता है, परन्तु यदि हमारी संगति बुरे लोगों के साथ हो जाये तो किये जा रहे पुण्य काम निष्फल हो जाते हैं। अत: हमेशा सज्जन लोगों, संत-महात्माओं की संगत करें, सत्संग में आयें, सद्मार्ग पर चलने का संकल्प लें। संत संदीप ने कई उदाहरण/प्रसंगों के माध्यम से स्पष्ट किया कि तनिक भर की अच्छी संगत से जीवन का रास्ता ही बदल जाता है।
आज की कथा में हरिद्वार से पधारे ब्रह्मलीन स्वामी राजेन्द्रानन्द के शिष्य आचार्य विश्वात्मानन्द, आचार्य गोविन्द शरणानन्द व स्वामी सर्वानन्द ने भी अपने विचार रखे। सभा ने उन्हें सम्मानित भी किया। आज की कथा में सभी पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्यों व सेवक दल के सदस्यों के अतिरिक्त सविता खीचड़, जगदीश खदाव, नरेन्द्र कुमार पीडब्ल्यूडी, सुशील बैनीवाल, राम कुमार गोदारा, रवि कुमार गोदारा, कृष्ण कुमार सीगड़ सहित बड़ी संख्या में स्त्री, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे। आरती व प्रसाद वितरण के साथ कथा को विश्राम दिया गया
