नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में टूटी नहर, 10 एकड़ में गेहूं व सरसों की फसल जलमग्न, चार घंटे की मशक्कत के बाद नहर की पटरी को बांधा गया
A canal broke in the Nathusari Chaupata area, submerging 10 acres of wheat and mustard crops. After four hours of effort, the canal track was repaired
नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में गांव कुम्हारिया और खेड़ी के बीच खेतों में खेड़ी माइनर नहर में दरार आ गई। किसान राज कुमार, नेत राम के खेत से होकर गुजर रही नहर अचानक टूट गई, इससे किसानों की करीब 10 एकड़ में फसल जलमग्न हो गई। नई बिजाई की हुई गेहूं व सरसों की फसलों को नुकसान हुआ है। किसान नेत राम का ट्यूबवेल का कुआं में पानी भर गया । किसानों का कहना है की बड़ी मुश्किल से बिजाई की थी अब दोबारा बिजाई करनी पड़ेगी। जिससे खर्चा दो गुना हो गया।
ग्रामीण बिलु बेनीवाल, सुनील कुमार और राज कुमार ने बताया कि वीरवार को खेड़ी माइनर अचानक से टूट गई। नहर टूटने से राज कुमार की 4 एकड़ में गेहूं की फसल, सुनील कुमार की 3 एकड़ में सरसों की फसल, पृथवि सिंह की 3 एकड़ में सरसों की फसल, नेत राम का ट्यूबवेल पानी भरने से खराब हो गया। इन्होंने बताया की जैसे ही खेतों में पानी भरना शुरू हुआ, ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत सिंचाई विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
जेसीबी की मदद से चार घंटे में बंद की गई दरार
नहर में लीकेज की स्थिति को देखते हुए बेलदार ने मौके पर ही कार्य शुरू करवाया। जेसीबी मशीन की सहायता से नहर की दरार को भरने का कार्य शुरू किया गया, जो करीब चार घंटे की मेहनत के बाद पूरा हुआ। किसानों ने बताया कि खेड़ी माइनर नहर का यह हिस्सा नहर का अंतिम छोर है, जिससे इसकी चौड़ाई कम है और पानी का दबाव भी कम होता है। इसी कारण नहर में आई दरार को समय रहते कंट्रोल किया जा सका।
