चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा के विधि विभाग द्वारा संविधान दिवस के उपलक्ष्य में विचार संगोष्ठी का भव्य आयोजन
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चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के विधि विभाग द्वारा संविधान दिवस के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार के मार्गदर्शन में एक ज्ञानवर्धक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. उमेद सिंह ने की और कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। इसके आदर्शों न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व को आत्मसात करना हम सभी नागरिकों का दायित्व है।
विधि के विद्यार्थी होने के नाते आप सभी का कर्तव्य है कि संवैधानिक मूल्यों को न केवल जानें, बल्कि अपने आचरण में भी उतारें। उन्होंने विद्यार्थियों को संविधान के महत्व, अधिकारों एवं कर्तव्यों की गहन समझ विकसित करने तथा लोकतांत्रिक आदर्शों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
संगोष्ठी के दौरान डॉ. अनिल घंघास, डॉ. भूपेंद्र खट्टर और डॉ. प्रदीप कंबोज ने भारतीय संविधान के विविध प्रावधानों, मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों और न्यायपालिका की भूमिका पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने वर्तमान समय में संविधान की प्रासंगिकता एवं सामाजिक न्याय की दिशा में उसके योगदान को रेखांकित किया।
इस अवसर पर डॉ. वकील मेहरा ने सभी प्रतिभागियों के साथ भारतीय संविधान की उद्देशिका का सामूहिक पाठ किया, जिससे कार्यक्रम स्थल में संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान और ऊर्जा का वातावरण बना। संगोष्ठी का मंच-संचालन डॉ. ज्योत्सना चौधरी द्वारा किया गया।
