नहराना हेड पर 5 घंटे चली महापंचायत, सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने धरना प्रदर्शन के छठे दिन 20 दिन मेें मांग पूरी करने का किया वायदा, लिखित मेें दिया आश्वासन
mahendra india news, new delhi
चौपटा क्षेत्र के नहराना हेड पर गांव जमाल के ग्रामीणों ने पानी टेल पर पहुंचने की मांग को लेकर धरना स्थल पर महापंचायत हुई। इस महापंचायत में विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने भाग लिया। धरना स्थल पर सोमवार को महापंचायत 5 घंटे तक चली। इसके बाद मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा बनाई गई कमेटी के सामने 20 दिन में सभी मांग पूरी करने का लिखित में आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने ये भी चेतावनी दी कि अगर 20 दिन में मांग पूरी नहीं हुई, अबकी बार बड़ा आंदोलन होगा। जिसका सीधे तौर पर सिंचाई विभाग के अधिकारी जिम्मेवार होंगे।

साढ़े दस बजे शुरू हुई महापंचायत
नहराना हेड पर जमाल गांव के ग्रामीणों के बीच सुबह साढ़े दस बजे विभिन्न गांवों के लोग पहुंचने लगे। नहराना हेड पर सुबह 11 बजे के बाद पूरा जमघट हो गया। महापंचायत की सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभिंयता संदीप माथूर के नेतृत्व में अधिारियों की टीम पहुंची। सिंचाई विभाग के अधिकारियों व ग्रामीणों द्वारा गठित 11 सदस्यीय कमेटी से दोपहर 1:30 बजे मीटिंग शुरू हुई। कमेटी सदस्य समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा, पंचायत समिति सदस्य नंदलाल बैनीवाल, अशोक कुमार,ख् ग्र्रहलाद सिंह, मांगेराम, जनक, रणजीत सिंह, सहाबराम ने कहा कि टेल पर पडऩे वाले गांव में सिंचाई तो दूर पीने के पानी की समस्या है। इसी के साथ ही कुताना माइनर, जमाल माइनर, वरूवाली नहर शेरांवाली मेें अवैध होदी तोड़ी जाए, जमाल गांव में जमाल माइनर व कुताना माइनर में टेल पर पूरा पानी पहुंचे, दोनों नहरों मेें पानी चोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
दोनों नहरों के आउटलेट ठीक की जाए, गांव हंजीरा में कुताना माइनर से कुड़ा कचरा हटाया जाए, कुताना माइनर के दोनों तरफ मिट्टी लगवाई जाए, कुताना माइनर पर 6 पुल हैं, उनको ऊंचा किया जाए, जमाल माइनर जमाल गांव से गुजरती है, वहां पर घरों का दूषित पानी नहर में जाता है। वहां दीवार बनाकर दूषित पानी को माइनर में जाने से रोका जाए। कमेटी सदस्यों ने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारी लिखित में मांग पूरी करने का आश्वासन करें। इस पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने लिखित मेें आख्श्वासन दिया। जिसमें अधिकारियों ने कुताना माइनर, वरूवाली नहर, नोहर फीडर नहर में पानी की बंदी के दौरान अवैध मोगियों तोड़ दी जाएगी।
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समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा ने कहा कि टेल पर पानी पहुंचने व अन्य मांगों को लेकर नहराना हेड पर महापंचायत हुई। जिसमें चौपटा क्षेत्र के सभी गांवों के ग्रामीणाों को धरना स्थल पर पहुंचे। महापंचायत में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने लिखित में आश्वासन दिया है। अगर निर्धारित समय तक मांग पूरी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
महापंचायत में बोले मिले हमें हक का पानी
महापंचायत मेंं समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा, जिला पार्षद नंदलाल बैनीवाल, किसान नेता प्रकाश मेमरा, रणधीर सिंह जोधका, दिवान सहारण, जगदीश बैनीवाल, सरपंच सुभाष कासनियां, संतोष बैनीवाल, मांगेराम, राजेश कुमार, अशोक कुमार, प्रहलाद सिंह, विजय बैनीवाल, उग्रसेन डूडी, रविंद्र डूडी, राजेंद्र साहु, अशोक साहु, देवीलाल खिचड़, राय सहाब बैनीवाल, महेंद्र सिहाग, मांगे राम कस्वा, भीम साहु, दिवान सहारण, ब्रजलाल कडवासरा, जगतपाल बैनीवाल, अजय बैनीवाल ने अपने विचार रखते हुए कहा कि टेल पर पानी पहुंचने के लिए ग्रामीण पिछले 6 दिनों से मांग कर रहे हैं।
टेल पर पडऩे वाले गांवों में पीने के पानी की भंयकर समस्या है। यह समस्या आज की नहीं, भीषण गर्मी हो या सर्दी, कभ्भी जमाल माइनर व कुताना माइनर में पर्याप्त नहीं पहुंचता है। इससे ग्रामीण टैंकरों से महंगे दाम पर खरीद कर पानी पीते हैं। क्योंकि पेयजल केंद्र में पानी का स्टॉक नहीं होता है। उन्होंने कहा कि पीने के पानी के लिए बार बार आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण हो रही है। किसानों ने ये भी मुद्दा उठाया कि नहरों की हालत खस्ता है। जिसके कारण यह नहर बार बार टूट रही है।
