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कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने किया डॉ. शत्रुजीत सिंह की पुस्तक ‘हिंदुत्व’ का विमोचन

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Agriculture Minister Shri Shyam Singh Rana released Dr. Shatrujit Singh's book 'Hindutva

mahendra india news, new delhi

हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने प्राचार्य डॉ. शत्रुजीत सिंह की पुस्तक ‘हिंदुत्व : अवधारणादर्शनसंस्कृति और समकालीन विमर्श’ का विमोचन किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने डॉ. शत्रुजीत सिंह को पुस्तक लेखन के लिए बधाई देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृतिदर्शन और परंपराओं पर गंभीर एवं तथ्यपरक लेखन समाज में अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति समझ को मजबूत करता है।

डॉ. शत्रुजीत सिंह की पुस्तक में हिंदुत्व को केवल एक राजनीतिक अवधारणा के रूप में देखने के बजाय उसके दार्शनिकसांस्कृतिकसामाजिक और ऐतिहासिक आयामों को व्यापक परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत किया गया है। इसमें वेदउपनिषदभगवद्गीता तथा भारतीय चिंतन परंपरा से लेकर आधुनिक काल के प्रमुख विचारकों के विचारों तक का विवेचन किया गया है।

पुस्तक में स्वामी दयानंद सरस्वतीस्वामी विवेकानंदश्री अरविंदलोकमान्य तिलकवीर सावरकरडॉ. केशव बलिराम हेडगेवार तथा माधवराव सदाशिव गोलवलकर सहित विभिन्न विचारकों के चिंतन के माध्यम से हिंदुत्व की अवधारणा के विकास को समझने का प्रयास किया गया है। साथ ही हिंदुत्व और भारतीय समाजसंविधानशिक्षाकला-साहित्यजनजातीय संस्कृति तथा वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति के प्रभाव जैसे विषयों को भी स्थान दिया गया है।

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प्राचार्य डॉ. शत्रुजीत सिंह ने कहा कि पुस्तक लिखने का उद्देश्य हिंदुत्व की अवधारणा को उसके व्यापक सांस्कृतिक एवं दार्शनिक संदर्भों में समझना और उस पर संतुलित तथा तथ्यपरक विमर्श प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता की निरंतरताविविधता और समन्वयकारी परंपरा को समझे बिना हिंदुत्व की अवधारणा का समग्र अध्ययन संभव नहीं है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश मंत्री श्री सुरेंद्र आर्य,भाजपा जिलाध्यक्ष श्री यतींद्र सिंह,  भाजपा नेता श्री प्रदीप रातुसरियायुवा भाजपा नेता श्री रविन्द्र सिंह चौहानडॉ. विक्रमजीत आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

विमोचन समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियोंशिक्षाविदोंसाहित्यकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य डॉ. शत्रुजीत सिंह को पुस्तक के प्रकाशन पर शुभकामनाएं दीं और इसे भारतीय संस्कृति एवं समकालीन विमर्श से जुड़े पाठकों के लिए उपयोगी कृति बताया।