हरियाणा किसान-मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बीकेई ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को सौंपा मांग पत्र: अंग्रेज सिंह कोटली
mahendra india news, new delhi
हरियाणा किसान-मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को प्रदेश भर में किसानों और मजदूरों की लंबित व ज्वलंत मांगों को लेकर पुरजोर आवाज उठाई गई। इसी कड़ी में बीकेई के मुख्य प्रवक्ता सुभाष झोरड़ तथा गुरप्रीत सिंह संधू ने संगठन की टीम के साथ मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त सिरसा को मांग-पत्र सौंपा गया।
भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेश महासचिव अंग्रेज सिंह कोटली ने जानकारी देते हुए बताया कि इस ज्ञापन के माध्यम से सरकार का ध्यान किसानों और खेत-मजदूरों की लंबे समय से उपेक्षित समस्याओं की ओर आकृष्ट कराया गया है। ज्ञापन सौंपने के बाद मोर्चा के प्रमुख नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि हरियाणा सरकार ने इन मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आगामी रणनीति का ऐलान करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि 10 सितंबर को पिहोवा अनाज मंडी में एक विशाल 'किसान पंचायत' का आयोजन किया जाएगा।
यदि सरकार तब तक मांगें पूरी नहीं करती है, तो इस पंचायत में सरकार के खिलाफ बड़ा और कड़ा फैसला लिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। किसान नेताओं अमरीक सिंह बाजवा, साहिब सिंह भट्टी, त्रिलोक सिंह मोरीवाला ने प्रदेश के सभी किसानों, खेत-मजदूरों और जन-संगठनों से अपील की है कि वे 10 सितंबर को पिहोवा अनाज मंडी में होने वाली इस ऐतिहासिक पंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन को मजबूत बनाएं।
ये है प्रमुख मांगें:
सभी फसलों के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी दी जाए। किसानों और खेत-मजदूरों का संपूर्ण कर्ज माफ किया जाए। हाल ही में बेमौसम बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से हुई फसल खराबे का तुरंत उचित मुआवजा मिले। मजदूरों के लिए तय न्यूनतम वेतन लागू हो और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का कड़ाई से पालन कराया जाए। कृषि कार्य के लिए बिजली आपूर्ति में सुधार किया जाए तथा मुफ्त/सस्ती बिजली का प्रावधान हो।
