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जेसीडी एजुकेशन कॉलेज SIRSA में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण हेतु जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

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Awareness programme organised for the welfare of senior citizens at JCD Education College, SIRSA

mahendra india news, new delhi
 जेसीडी पीजी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, सिरसा में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007” पर एक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भावी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं स्टाफ को वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, जिम्मेदारियों और उनके संरक्षण से संबंधित विधिक प्रावधानों से अवगत कराना था, ताकि समाज में वृद्धजन सम्मान, सुरक्षा और गरिमा के साथ जीवन व्यतीत कर सकें।


 
कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत शांत और पावन वातावरण में माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। सभी अतिथियों का हरित पौधों के साथ स्वागत किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण, सम्मान और विकास का प्रतीक है।
 


इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेसीडी विद्यापीठ, के महानिदेशक डॉ जय प्रकाश ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि माता-पिता की सेवा ही सच्ची सेवा है और यह केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने बुजुर्गों को समय दें, उनके अनुभवों से सीखें और अपने जीवन में उनके प्रति सम्मान बनाए रखें। उन्होंने इस अधिनियम (2007) की महत्ता समझाते हुए बताया कि यह कानून वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक, भावनात्मक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है तथा उनके कल्याण को सुनिश्चित करता है।
 


कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), सिरसा से श्री के. एस. गिल, उप-LADC और सुश्री दविंदर कौर, सहायक LADC विशेष वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अधिनियम के कानूनी प्रावधानों, जैसे—भरण-पोषण की प्रक्रिया, मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल की भूमिका, अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त अधिकार तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध न्यायिक और विधिक सहायता के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वक्ताओं ने वास्तविक मामलों के उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाया कि वृद्धजन किस प्रकार की समस्याओं का सामना करते हैं और कानून किस तरह उनका संरक्षण करता है।
 
कार्यक्रम का स्वागत भाषण डॉ. सुषमा रानी, प्रेज़ाइडिंग ऑफिसर, इंटरनल कंप्लेंट कमेटी द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने इस प्रकार के विधिक जागरूकता कार्यक्रमों को शिक्षक-प्रशिक्षुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि भविष्य में शिक्षकों का दायित्व होगा कि वे अपने विद्यार्थियों तथा समाज में इस तरह की जागरूकता को बढ़ावा दें।

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विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाग लिया तथा चर्चा सत्र में अपनी जिज्ञासाएँ और विचार साझा किए। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि और दोनों वक्ताओं को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
 
समग्र रूप से, यह जागरूकता कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ। इससे प्रतिभागियों में न केवल वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ी, बल्कि उनके संरक्षण और भरण-पोषण के कानूनी प्रावधानों की स्पष्ट समझ भी विकसित हुई। जेसीडी पीजी कॉलेज ऑफ एजुकेशन का यह प्रयास समाज में सम्मान, कर्तव्य और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।