SIRSA में सड़े-गले व कटे फल-सब्जियों की बिक्री पर रोक, हैजा व पीलिया से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी
MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
SIRSA जिलाधीश शांतनु शर्मा ने जिला में हैजा व पीलिया जैसी संक्रामक बीमारी के फैलने की आशंका को देखते हुए इसकी रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए एडवाइजरी जारी की है। आदेशों के तहत जिला में गले सड़े फल, सब्जियां, कटे हुए फल, तरबूज, कटी हुई सब्जियां और गैर-प्रमाणित पानी से बने एरेटेड या मिनरल वाटर की बिक्री या प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ-साथ पब्लिक एनालिस्ट हरियाणा चंडीगढ़, स्टेट बैक्टीरियोलॉजिस्ट करनाल, माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट मेडिकल कालेज रोहतक अथवा मैडिकल अफसर इंचार्ज वाटर लैब, जनरल अस्पताल सिरसा के बिना पास किए गए मिनरल वाटर, बर्फ के गोले, आइसक्रीम, कुल्फियों की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है।
जिलाधीश द्वारा पारित आदेशों में यह भी कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का खुले में रखा जूस, केक, मिठाईयां, बिस्कुट और अन्य प्रकार की खाद्य सामग्री भी नहीं बेच सकता। दुकानदारों को खाद्य सामग्री को वायर गॉज या कांच से ढके शोकेस में रखने तथा साफ-सुथरे बर्तनों में परोसने के निर्देश दिए गए हैं। पीने के पानी के स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सभी कुओं तथा पेयजल स्रोतों के आसपास व्यक्तियों एवं पशुओं के नहाने, कपड़े और बर्तन धोने पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीजों को सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से ले जाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। जिले में किसी भी मेले के आयोजन के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि जिले में पीलिया का कोई मामला सामने आने पर संबंधित क्षेत्र के नगर परिषद के अध्यक्ष, नगर पालिका के अध्यक्ष, गांव के सरपंच अथवा संबंधित संस्थान के प्रभारी द्वारा 24 घंटे के भीतर सिविल सर्जन, सिरसा को इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा।
अधिकृत अधिकारी पीलिया के पुष्ट या संदिग्ध मामलों की जांच के लिए किसी भी परिसर में प्रवेश कर सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर संदिग्ध मरीज को संक्रमण से बचाव के लिए आइसोलेशन कैंप या अस्पताल में भेजने तथा संक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक प्रतिबंधात्मक एवं कीटाणुशोधन संबंधी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। संक्रमण प्रभावित क्षेत्र को पीलिया मुक्त घोषित किए जाने तक वहां से आवागमन तथा संबंधित आयोजनों पर आवश्यक नियंत्रण रखा जा सकेगा।
आदेशों के अनुसार SIRSA में उक्त प्रकार की खाद्य सामग्री के निरीक्षण एवं जरूरत पड़ने पर उसे नष्ट करने के लिए जिले के सिविल सर्जन, सभी एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, सभी ज़िला प्रोग्राम ऑफिसर (जैसे डिप्टी सिविल सर्जन - हेल्थ, मेडिकल, मलेरिया, टीबी, इम्यूनाइज़ेशन, स्कूल हेल्थ, फ़ैमिली वेलफ़ेयर, ट्रेनिंग), सभी सीएचसी के सीनियर मेडिकल ऑफिसर, हेल्थ डिपार्टमेंट के सभी मेडिकल ऑफिसर, म्युनिसिपल काउंसिल/कमेटी के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर/सेक्रेटरी, असिस्टेंट यूनिट ऑफिसर, सरकारी फ़ूड इंस्पेक्टर, म्युनिसिपल काउंसिल/कमेटी के सीनियर सैनिटरी इंस्पेक्टर, म्युनिसिपल काउंसलर, तहसील सैनिटरी इंस्पेक्टर और सभी मल्टीपर्पस हेल्थ सुपरवाइज़र को अधिकृत किया गया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने उक्त अधिकारियों को हैजा व पीलिया के किसी भी मामले की जांच के लिए कहीं भी किसी भी स्थान पर निरीक्षण के लिए प्रवेश के लिए अधिकृत किया है। जिलाधीश द्वारा यह आदेश 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेंगे।
