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बीकेई ने गांव मोरीवाला में किसान आंदोलन के शहीदों की याद में करवाए श्री अखंड पाठ साहिब प्रकाश: लखविंदर सिंह औलख

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BKE organizes 'Sri Akhand Path Sahib' in Moriwala village in memory of the martyrs of the farmers' movement: Lakhwinder Singh Aulakh

mahendra india news, new delhi
भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव मोरीवाला (अमरजीत पुरा) स्थित गुरुद्वारा साहिब बाबा जयराम दास बाबा नारायण दास में किसान आंदोलन भाग-1 और भाग-2 के दौरान शहीद हुए समस्त किसानों की याद में आज श्री अखंड पाठ साहिब जी प्रकाश करवाए गए।

इस संबंध में आगे जानकारी देते हुए औलख ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी संगठन की पूरी टीम द्वारा गांव मोरीवाला के गुरुद्वारा साहिब में किसानी के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले समस्त शहीदों की याद में अखंड पाठ साहिब जी के भोग डाले जाते हैं। उन्होंने जानकारी साझा करते हुए बताया कि आज 3 अक्टूबर को अखंड पाठ साहिब जी का प्रकाश करवाया गया और 5 अक्टूबर को अखंड पाठ साहिब जी के भोग डाले जाएंगे। औलख ने आगे बताया कि तीन काले कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए दिल्ली के बॉर्डरों पर 378 दिनों तक चले ऐतिहासिक किसान आंदोलन में 750 से अधिक किसानों ने आने वाली नस्लों, फसलों और किसानी को बचाने के लिए अपनी शहादत दी थी।

3 अक्टूबर का दिन किसानी और भारत के इतिहास का वह सबसे दर्दनाक काला दिन है, जिस दिन यूपी के लखीमपुर खीरी में जिस प्रकार जलियांवाला बाग में जनरल डायर द्वारा दरबार साहिब में माथा टेकने आए बेकसूर निहत्थे लोगों का कत्लेआम किया गया था, उसी प्रकार लखीमपुर खीरी में भाजपा के तत्कालीन मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा टेनी द्वारा गाड़ियों के नीचे कुचलकर बेकसूर किसानों और एक पत्रकार को शहीद कर दिया गया था। उन्होंने आगे बताया कि किसान आंदोलन भाग-1 की अधूरी बची मांगों को पूरा करवाने के लिए शुरू हुए किसान आंदोलन भाग-2 में भी युवा किसान शुभकरण सिंह सहित लगभग 45 से अधिक किसान शहीद हो चुके हैं।

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किसान संगठन बी.के.ई. हर साल उन समस्त किसानी के शहीदों की कुबार्नी को नमन करने के लिए श्री अखंड पाठ साहिब जी के भोग डालता है। औलख ने आगे बताया कि इस दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के चरणों में समस्त किसान-मजदूर भाईचारे की खुशहाली और चढ़दी कला के लिए विशेष अरदास की जाएगी। बीकेई संगठन की ओर से समस्त क्षेत्रवासियों और किसान भाइयों से इस धार्मिक समागम में बढ़-चढ़कर पहुंचने और किसानी के लिए अपनी शहादत देने वाले उन सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की गई है।