home page

बसपा कार्यकर्ताओं ने जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाया बसपा सुप्रीमो का जन्मदिन

 | 
BSP workers celebrated the birthday of BSP supremo as public welfare day

mahendra india news, new delhi
बहुजन समाज पार्टी जोन नंबर 3 के तत्वावधान में बहुजन समाज के आत्मसम्मान की प्रतीक, आयरन लेडी, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं बसपा सुप्रीमो मायावती के 70वें जन्मदिवस के पावन अवसर पर भिवानी स्थित कमला भवन में भव्य जनकल्याणकारी समारोह का आयोजन किया गया।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में भिवानी, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, हांसी एवं चरखी दादरी जिलों से हजारों की संख्या में बसपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित हुए।

कार्यक्रम में मुख्यअतिथि डा. कृष्ण जमालपुर (प्रदेश अध्यक्ष बसपा हरियाण), अति विशिष्ट अतिथि के रूप में राम सिंह प्रजापति स्टेट जोन प्रभारी, जगदीश चंद्र स्टेट जोन प्रभारी, विशिष्ट अतिथि महेंद्र सिंह धनिया प्रदेश महासचिव, प्रेमचंद राठी प्रदेश कोषाध्यक्ष, पवन ठाकुर प्रदेश सचिव, सूरत सिंह प्रदेश सचिव, बलबीर मुंडे प्रदेश सचिव, जिले सिंह कश्यप प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रहे, जबकि अध्यक्षता प्रदीप रंगा हालुवास जिलाध्यक्ष, बसपा भिवानी ने की। डा. कृष्ण जमालपुर ने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती का 45 वर्षों से अधिक का संघर्ष दलित, शोषित और वंचित समाज को राजनीतिक अधिकार दिलाने की स्वर्णिम गाथा है। उन्होंने बिना किसी राजनीतिक विरासत और सत्ता संरक्षण के सामाजिक परिवर्तन की मशाल जलाई और बहुजन समाज को आत्मसम्मान के साथ सत्ता की राजनीति में स्थापित किया।

उन्होंने कहा कि बसपा सुप्रीमो का नेतृत्व आज ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए भी प्रेरणा-स्तंभ है और बसपा ही सामाजिक न्याय की सच्ची प्रतिनिधि पार्टी है। अन्य वक्ताओं ने कहा कि युवा अवस्था में मायावती ने अपने निजी करियर को त्यागकर मान्यवर कांशीराम साहेब के सामाजिक-राजनीतिक परिवर्तन के मिशन को अपना जीवन समर्पित किया। उनके त्याग, संघर्ष और नेतृत्व ने बहुजन समाज को सत्ता के शिखर तक पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। सिरसा जिला से सैकड़ों कार्यकर्ताओं की सहभागिता ने समारोह को और अधिक भव्य बना दिया।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रामधन चौटाला ने कहा कि आज सिर्फ  एक जन्मदिन नहीं, बल्कि देश के अंतिम पायदान पर खड़े हर वंचित-शोषित व्यक्ति का उत्सव है। यह बाबा साहेब के संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, समता-मूलक समाज और सामाजिक परिवर्तन के आंदोलन का महोत्सव है। इस मौके पर रवि पनिहारी, भूषण लाल बरोड़, गुरदीप सिंह कम्बोज, धर्मपाल माखोसरानी, पुष्पेन्द्र शास्त्री, प्रदीप कागदाना, बिनोद पोहडक़ा, गोपाल खारी, पन्ना लाल सुलतानपुरियां, दलबीर सिंह खारिया सुभाष खारियां, ओमप्रकाश, रामकुमार बेगू, मास्टर रामभक्त, जसवंत सिंह, सुन्दर लाल, जलोर सिंह, प्रिंस लखपति सिरसा, रामपाल चौटाला, इंद्रपाल माधोसिंगाना, महेन्द्र सिंह रत्ताखेड़ा, आज़ाद सिंह, रणजीत नाथ खेरेकां, मदनलाल जांगू, लीलूराम, बुल्लेशाह पंजुआना सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित रहे।

WhatsApp Group Join Now