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सीडीएलयू के प्रो. सुशील, डॉ. संजू बाला ढुल एवं डॉ प्रदीप ने विद्यार्थियों को बताए जीवन में सफलता के सूत्र

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CDLU's Prof. Sushil, Dr. Sanju Bala Dhul and Dr. Pradeep told the students the secrets of success in life
Mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़ सेल, डीएसडब्ल्यू, यूकोप तथा एआईसीटीई के बैनर तले आयोजित यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़ पर आधारित छात्र विकास कार्यक्रम के तीसरे दिन प्रातःकालीन सत्र का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
इस अवसर पर हाल ही में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूएसए द्वारा जारी विश्व के श्रेष्ठ दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल सीडीएलयू के प्राध्यापक प्रो. सुशील डॉ. संजू बाला ढुल एवं  डॉ प्रदीप  ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के सूत्र बताए।

डीन, यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ ग्रेजुएट स्टडीज  प्रो. सुशील ने कहा कि ज्ञानार्जन की कोई सीमा या आयु नहीं होती। हमें केवल अपने वरिष्ठों से ही नहीं बल्कि कनिष्ठों से भी सीखने के लिए तैयार रहना चाहिए। वर्तमान सूचना प्रौद्योगिकी युग में ज्ञान का साझा करना और टीम भावना अत्यंत आवश्यक है। हमें आलस्य और सुस्ती को त्याग कर सक्रिय रहना चाहिए, तभी हम अपने सपनों और समाज के लक्ष्यों को पूरा कर सकते हैं।

खाद्य विज्ञान विभागाध्यक्ष, डॉ. संजू बाला ढुल ने कहा की हम कभी भी नई शुरुआत कर सकते हैं। हर दिन हमें अवसर देता है कि हम अपने लक्ष्यों को पहचानें, सही दिशा में आगे बढ़ें और सकारात्मक ऊर्जा के साथ निरंतर प्रयास करें। सफलता का मूल मंत्र है  स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और सकारात्मक दृष्टिकोण।

बायोटेक विभाग के डॉ. प्रदीप, जो स्वयं सीडीएलयू के पूर्व छात्र हैं, ने कहा कि इस मंच पर बोलना मेरे लिए गर्व का विषय है। मैं इसी विश्वविद्यालय का छात्र रहा हूँ और आज अपनी उपलब्धियों के साथ पुनः अपने गुरुओं और विद्यार्थियों के सामने खड़ा हूँ। मैंने जो भी सफलता प्राप्त की है, उसका आधार कठिन परिश्रम, अनुशासन और अपने शिक्षकों का मार्गदर्शन है। मैं आज के विद्यार्थियों से कहना चाहता हूँ कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। अगर आप पूरी लगन और ईमानदारी से कार्य करेंगे तो सफलता निश्चित रूप से आपके कदम चूमेगी।
इस के उपरांत आल इंडिया कॉउन्सिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन की तरफ से प्रोफेसर बी.के. शर्मा गुरूजम्भेश्वर विश्वविद्यालय हिसार के प्राध्यापक डॉ चरणजीत मदान ने प्रकृति और मानव जीवनके बारे विस्तार से बताया और कहा की भारतीय संस्कृति और वेदों में भी इस की जानकारी हमे मिलती है।

इस अवसर पर डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. राजकुमार, डायरेक्टर यूकोप प्रो. काशिफ किदवई , जनसम्पर्क निदेशक डॉ अमित ,यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़ सेल के सलाहकार डॉ. श्यामलालफुटेला, डॉ. अनिल घणघस , डॉ. रघुविंदर , डॉ. अर्चना, डॉ. नरेंद्र, डिम्पल, सोनिया सहित अनेक विद्वान उपस्थित रहे।