CDLU सिरसा के युवा कल्याण निदेशालय द्वारा विश्वविद्यालय सभागार में तीज महोत्सव का रंगारंग आयोजन
Mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के युवा कल्याण निदेशालय द्वारा विश्वविद्यालय सभागार में तीज महोत्सव का रंगारंग आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं लोक उत्सवों की जीवंत झलक देखने को मिली। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. विजय कुमार की माताजी श्रीमती कृष्णा तथा विश्वविद्यालय की प्रथम महिला एवं कुलगुरु प्रो. विजय कुमार की धर्मपत्नी श्रीमती अनुपमा अरोड़ा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
रैम्प क्वीन प्रतियोगिता में किरण ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि तीज महारानी प्रतियोगिता में छात्रा रितिका विजेता रहीं। नृत्य प्रतियोगिता में कर्मचारियों की श्रेणी में सुनीता ने प्रथम, किरण ने द्वितीय तथा पुष्पा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में सीडीएलयू की सामुदायिक संबंधों की मानद सलाहकार एवं ‘ड्रोन दीदी’ श्रीमती विमला सिंवर उपस्थित रहीं। मुख्य अतिथि श्रीमती अनुपमा अरोड़ा ने तीज पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तीज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जुड़ा उत्सव है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती विमला सिंवर ने कहा कि हरियाणवी लोक संस्कृति अपनी सरलता, जीवंतता और समृद्ध परंपराओं के लिए विशेष पहचान रखती है। तीज जैसे पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को आधुनिकता के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहना चाहिए तथा ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर निदेशक युवा कल्याण प्रो. मंजू नेहरा ने सभी अतिथियों, निर्णायकों, प्रतिभागियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने तीज पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं एवं लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
तीज महोत्सव के अवसर पर तीज महारानी, रैम्प क्वीन एवं नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने पारंपरिक परिधानों, मनमोहक प्रस्तुतियों, नृत्य एवं अपनी प्रतिभा के माध्यम से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों से सुसज्जित प्रतिभागियों ने हरियाणवी एवं भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को खूबसूरती से प्रस्तुत किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता एवं आत्मविश्वास प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
प्रतियोगिताओं में प्रोफेसर निवेदिता, डिप्टी रजिस्ट्रार मुन्नी देवी एवं असिस्टेंट रजिस्ट्रार किरण भल्ला ने निर्णायक की भूमिका निभाई। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, गैर-शिक्षक कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम ने सभी में उमंग, उल्लास एवं सांस्कृतिक एकता की भावना का संचार किया। निदेशालय युवा कल्याण की ओर से सभी प्रतिभागियों, निर्णायकों एवं आयोजन से जुड़े सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया।
