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बेसहारा पशुओं के हमले व कुत्ते के काटने पर मिलेगा 10 हजार से 5 लाख तक का मुआवजा

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Compensation of Rs 10,000 to Rs 5 lakh will be given in case of stray animal attack and dog bite
mahendra india news, new delhi

हरियाण प्रदेश सरकार समय समय पर अनेक घोषणा कर रही है। अब प्रदेश सरकार ने गरीब परिवारों को मोटी राहत देने जा रही है। यदि किसी गरीब परिवार के सदस्य की कुत्ते के काटने या बेसहारा पशुओं के हमले से मौत हो जाती है या वह दिव्यांग हो जाता है तो हरियाणा प्रदेश सरकार उन्हें पांच लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देगी।

बता दें कि प्रदेश में आवारा कुत्ते के काटने या बेसहारा घूमते पशुओं यथा गाय-भैंस, सांड, बैल, नील गाय और गधे के हमले होते रहते हैं। इससे कई व्यक्ति दिव्यांग हो जाता है तो पीड़ित परिवार को प्रदेश सरकार 5 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद देगी। कुत्तों द्वारा एक बार काटे जाने जाने पर न्यूनतम दस हजार रुपये और उसके दांत से त्वचा कटने की स्थिति में न्यूनतम 20 हजार रुपये अनिवार्य रूप से दिए जाएंगे।

जानकारी के अनुसार वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु)-2 की अधिसूचना जारी कर दी है। हरियाणा सरकार के सभी परिवार, जिनकी वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये तक है, योजना का लाभ उठा सकेंगे। आर्थिक मदद के लिए मौत या दिव्यांगता के तीन महीने के अंदर आनलाइन आवेदन करना होगा। हरियाणा प्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एक अप्रैल 2023 को दयालु योजना शुरू की थी।

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जानकारी के अनुसार इसके बाद स्कीम में संशोधन किया गया। अभी तक 36 हजार 651 परिवारों को कुल 1380 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। स्कीम के तहत एक लाख 80 हजार रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवार के छह वर्ष से 60 वर्ष तक की आयु के सदस्य की मृत्यु या दिव्यांग होने पर पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। छह से 12 साल तक के बच्चे की मृत्यु या 100 प्रतिशत दिव्यांग होने पर एक लाख रुपये दिए जाते हैं।

इसी प्रकार से 12 से 18 वर्ष की आयु पर दो लाख रुपये, 18 से 25 वर्ष की आयु तक तीन लाख रुपये, 25 से 45 वर्ष की आयु पर पांच लाख रुपये और 60 साल की आयु तक तीन लाख रुपये दिए जाते हैं। प्रदेश में हर महीने औसतन 10 लोगों की मौत गलियों और सड़कों पर घूमते बेसहारा पशुओं के कारण होती है। बेसहारा पशुओं के कारण हुई दुर्घटनाओं में कितने लोग दिव्यांग हो चुके, इसका आंकड़ा न तो यातायात पुलिस के पास है और न ही गोसेवा आयोग के पास।


डीसी की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी फैसला
जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार के आवेदनों पर विचार करने और सहायता राशि की सिफारिश करने के लिए जिला स्तर पर जिला के डीसी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। इसमें एसपी, एसडीएम, जिला परिवहन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी का प्रतिनिधि सहित अन्य कई विभागों के अधिकारी सदस्य होंगे। योजना तथा जिला सांख्यिकी अधिकारी सदस्य सचिव होंगे।