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फसल पंजीकरण: सरकार के पोर्टल सिस्टम में उलझे किसान: लखविंदर सिंह औलख

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Crop Registration: Farmers Entangled in Government Portal System – Lakhwinder Singh Aulakh

MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
 हरियाणा सरकार के पोर्टल-पोर्टल के खेल में किसान फसल पंजीकरण से वंचित होकर परेशानी में है। बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने एसडीएम कार्यालय कालांवाली में किसानों को फसल पंजीकरण में करवाने में आ रही दिक्कतों की जानकारी देते हुए बताया हरियाणा सरकार ने किसानों को पोर्टल पोर्टल के खेल में उलझा रखा है। 31 जुलाई 2026 को जो किसान फसल पंजीकरण से वंचित रह गए थे, उनके लिए हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के संघर्ष के उपरांत 11 सितंबर को हरियाणा के उच्च अधिकारियों के साथ चंडीगढ़ हरियाणा भवन में हुई मीटिंग में हरियाणा सरकार ने पोर्टल खोलने का आश्वासन दिया था, जोकि 21 से 27 सितंबर तक पोर्टल खोल की बजाय एसडीएम कार्यालय में आवेदन लेने शुरू किये।

औलख ने कहा कि पूरे हरियाणा में फसल पंजीकरण के लिए किसान आवेदन कर रहे हैं, जिसके चलते आॅनलाइन साइट बीच-बीच में बंद हो रही है। कालांवाली एसडीएम कार्यालय में 24 सितंबर दोपहर तक 1100 के लगभग फसल पंजीकरण के लिए आवेदन आए हैं, जिसमें से अभी तक सिर्फ 160 पंजीकरण हो पाए हैं। सैकड़ों किसान 21 तारीख से अब तक लगातार एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। औलख ने कहा कि इस विषय में उपायुक्त सिरसा से बात हुई। उन्होंने आश्वासन दिया कि जितने भी आवेदन आए हैं सबका फसल पंजीकरण किया जाएगा। एसडीएम कालांवाली से मीटिंग के बाद उन्होंने दो काउंटर और बढ़ाने की बात कही।

औलख ने कहा कि भाजपा सरकार ने हरियाणा को किसानों के ऊपर नए-नए नियम लागू करने की प्रयोगशाला बना रखा है। पोर्टल रुपी काला कानून किसानों पर थोपा जा रहा है। अगर पूरे देश का अनाज एमएसपी पर खरीदा जाए तो कहीं भी किसी पोर्टल की जरूरत नहीं है। दूसरा किसान डीएपी खाद के लिए लाइनों में लगे हुए हैं। किसान अपनी पकी हुई फसल संभालने की बजाय एसडीएम कार्यालय में पंजीकरण के लिए तथा दुकानों पर खाद लेने के लिए लाइनों में लगने को मजबूर है, जिसकी जिम्मेदार हरियाणा सरकार है। हमारी प्रशासन तथा सरकार से अपील है कि जिस पोर्टल रूपी काले कानून को किसानों पर थोपा है, कम से कम उसे सही ढंग से लागू करके हर एक किसान की फसल का पंजीकरण किया जाए।

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