पूर्व उप-प्रधानमंत्री जननायक चौधरी देवीलाल जी की 112वीं जयंती के उपलक्ष्य में सीडीएलयू में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
mahendra india news, new delhi
सिरसा चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के युवा कल्याण निदेशालय द्वारा भारत के पूर्व उप-प्रधानमंत्री जननायक चौधरी देवीलाल जी की 112वीं जयंती के उपलक्ष्य में सीडीएलयू के ऑडिटोरियम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। युवा कल्याण निदेशालय के निदेशक प्रो. सेवा सिंह बाजवा ने उपस्थित सभी अतिथियों, कलाकार छात्रों और दर्शकों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रोफेसर विजय कुमार के दिशा निर्देशन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को चौधरी देवीलाल जी के जीवन पर आधारित एक विशेष डाक्यूमेंट्री दिखाई गई। डाक्यूमेंट्री के माध्यम से विद्यार्थियों को जननायक के संघर्षशील जीवन, किसान हितैषी नीतियों तथा सरल व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया गया।
इस अवसर पर शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. सुरेश गहलावत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि जननायक चौधरी देवीलाल जी सच्चे अर्थों में किसान नेता थे। उन्होंने हमेशा ग्रामीण विकास, शिक्षा और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किया। विद्यार्थियों को उनके जीवन से सीख लेकर कठिन परिस्थितियों में भी ईमानदारी और परिश्रम के मार्ग पर चलते हुए समाजहित में योगदान देना चाहिए।
देवीलाल जी का जीवन संदेश देता है कि सादगी और सेवा भाव ही वास्तविक नेतृत्व की पहचान है।
मुख्य वक्ता के रूप में डीन ऑफ ह्युमैनिटीज़ तथा अंग्रेज़ी विभाग के अध्यक्ष प्रो. पंकज शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “जननायक चौधरी देवीलाल जी केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं थे, बल्कि वे किसानों, मजदूरों और आमजन की आवाज़ थे। उनका जीवन त्याग, संघर्ष और सेवा की मिसाल है। हमें उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाजहित में कार्य करने की प्रेरणा लेनी चाहिए। देवीलाल जी के विचार आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं और उनका नाम सादगी, ईमानदारी और लोकहित से हमेशा जोड़ा जाएगा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. राजकुमार, प्रो. आरती गौड़, प्रो. सुनीता, डॉ. सुखविंद, गुरसाहिब सिंह व सहायक निदेशक राजेश छिकारा सहायक कुलसचिव डॉ. ओमदा लाम्बा सहित अनेक प्राध्यापक व गैर-शिक्षक कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों का धन्यवाद प्रो. रणजीत कौर, सांस्कृतिक संयोजक द्वारा किया गया। मंच संचालन की जिम्मेदारी डिम्पल सैनी ने निभाई।
