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दिव्यांग कर्मचारियों की सेवा-आयु 60 वर्ष बहाल करने की मांग तेज, टीम उमंग ने HARYANA के सभी विधायकों को सौंपने शुरू किए ज्ञापन

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Demand for restoring the service age of disabled employees to 60 years intensifies, Team Umang starts submitting memorandums to all MLAs of Haryana

Mahendra india news, new delhi
विकलांग संघ उमंग, HARYANA (रजि.) द्वारा HARYANA में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों की सेवा-आयु 60 वर्ष पुन: बहाल करने की मांग को लेकर अभियान तेज कर दिया गया है। टीम उमंग के प्रदेश अध्यक्ष बंसी लाल झोरड तथा संस्थापक सुभाष कुलरिया के नेतृत्व में हरियाणा प्रदेश के सभी वर्तमान MLA को ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

Demand for restoring the service age of disabled employees to 60 years intensifies, Team Umang starts submitting memorandums to all MLAs of Haryana

संघ की ओर से बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा 03 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के माध्यम से पूर्व में दी गई 60 वर्ष की सेवा-आयु संबंधी प्रावधान को निरस्त कर दिया गया, जिससे दिव्यांग कर्मचारियों में गहरी निराशा है। उमंग संगठन का कहना है कि दिव्यांग कर्मचारी शारीरिक एवं सामाजिक चुनौतियों के बावजूद पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ सेवाएं देते हैं, ऐसे में उनकी सेवा-आयु 60 वर्ष बनाए रखना न्यायसंगत और मानवीय निर्णय है।

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प्रदेश अध्यक्ष बंसी लाल झोरड़ ने कहा कि यह केवल सेवा-आयु का विषय नहीं, बल्कि दिव्यांग कर्मचारियों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और समान अधिकारों का प्रश्न है। वहीं संस्थापक  सुभाष कुलरिया ने कहा कि दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 की भावना के अनुरूप सरकार को संवेदनशील निर्णय लेते हुए 60 वर्ष की सेवा-आयु पुन: बहाल करनी चाहिए।

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Demand for restoring the service age of disabled employees to 60 years intensifies, Team Umang starts submitting memorandums to all MLAs of Haryana

संघ के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि कल प्रदेश के कुछ विधायकों जिन में नारनौल से विधायक ओम प्रकाश यादव, पटौदी की विधायक विमला चौधरी, नारनौंद के विधायक जस्सी पेटवार, हिसार से विधायक चंद्र प्रकाश करनाल से विधायक जगमोहन आनंद आदि को व्यक्तिगत रूप से ज्ञापन सौंपा गया है, जबकि शेष बचे हुए विधायकों को भी जल्द ही उमंग की जिला इकाइयों द्वारा ज्ञापन सौंपे जाएंगे।

संगठन का उद्देश्य है कि विधानसभा में इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाया जाए और मुख्यमंत्री से सकारात्मक हस्तक्षेप कराया जाए। टीम उमंग ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश के जनप्रतिनिधि दिव्यांग कर्मचारियों की भावनाओं को समझते हुए सरकार तक उनकी आवाज मजबूती से पहुंचाएंगे और शीघ्र ही न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाएगा।