11 अगस्त से तीन दिवसीय होने वाली हड़ताल को सफल बनाने के लिए कर्मचारियों ने की संयुक्त मोर्चे की मीटिंग
mahendra india news, new delhi
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त सांझा संघर्ष समिति के आह्वान पर आज सिरसा बिजली बोर्ड के प्रांगण में बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी, अधिकारी एवं इंजीनियर एकत्रित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता शहरी यूनिट (HSEB) के सीताराम एवं AHPC के मीत चंद ने संयुक्त रूप से की, जबकि मंच संचालन सिटी यूनिट सचिव सुरेश मंगल एवं लखवीर ने किया।

विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से HSEB वर्कर्स यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता श्याम लाल खोड, AHPC के मुख्य सलाहकार सुरजीत सिंह बेदी, HSEB वर्कर्स यूनियन के सर्कल सचिव सतिन्द्र मोंगा, मदनलाल तथा वेदप्रकाश सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके उपरांत कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार एवं निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए HSEB वर्कर्स यूनियन के सर्कल सचिव सतिन्द्र मोंगा एवं मदनलाल ने संयुक्त रूप से कहा कि बिजली कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिजली निगमों में भारी स्टाफ की कमी के बावजूद कर्मचारियों पर लगातार कार्यभार बढ़ता जा रहा है, जिससे उपभोक्ता सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की लंबित मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए तथा बिजली कर्मचारियों के लिए रिस्क अलाउंस तत्काल लागू किया जाए।
सीताराम एवं मीत चंद ने संयुक्त रूप से कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी तथा एग्री डिस्कॉम जैसी कर्मचारी विरोधी नीतियों को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारी दिन-रात कठिन एवं जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
सतबीर एवं कनीराम ने कहा कि HKRN कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित की जाए तथा समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
संघर्ष समिति के नेताओं श्याम लाल खोड एवं सुरजीत सिंह बेदी ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को रद्द करना, एग्री डिस्कॉम बनाने की योजना वापस लेना, बिजली कर्मचारियों के लिए रिस्क अलाउंस लागू करना, HKRN कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित करना तथा रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करना प्रमुख रूप से शामिल हैं।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार एवं निगम प्रबंधन की होगी।
इस अवसर पर विभिन्न कर्मचारी एवं इंजीनियर संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता का परिचय दिया।
जारीकर्ता:
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त सांझा संघर्ष समिति, सिरसा।
