चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के इतिहास एवं पुरातत्व विभाग द्वारा एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन
Mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के इतिहास एवं पुरातत्व विभाग द्वारा एक्सटेंशन लेक्चर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा के ''पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग'', चंडीगढ़ के उप निदेशक डॉ. नरेंद्र सिंह परमार ने भारतीय ज्ञान प्रणाली और सरस्वती सिंधु सभ्यता के विषय पर विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को संबोधित किया। लोक प्रशासन विभाग एवं राजनीति विज्ञान विभाग ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. नरेंद्र सिंह परमार ने बतौर मुख्य वक्ता बोलते हुए भारतीय ज्ञान प्रणाली तथा सरस्वती सिंधु सभ्यता की समृद्ध विरासत के विभिन्न पुरातात्विक, सांस्कृतिक एवं तकनीकी पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से हरियाणा के बनावली, राखीगढ़ी, मिताथल, भिरड़ाना एवं फरमाना जैसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप की प्राचीन सभ्यता ने ज्ञान, तकनीक, जल प्रबंधन, व्यापार एवं सांस्कृतिक परंपराओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि सरस्वती सिंधु सभ्यता विश्व की प्राचीन सभ्यताओं में से एक है और हमें अपने देश पर गर्व पर करना चाहिए। भारतीय ज्ञान परम्परा अद्भुत है, इसके मूल्यों को विधार्थियों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।
इस अवसर पर इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के अध्यक्ष प्रो. विष्णु भगवान ने कहा कि कुलगुरु प्रो. विजय कुमार के नेतृत्व में इतिहास एवं पुरातत्व विभाग निरंतर उन्नति की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान विद्यार्थियों को विषय के व्यावहारिक एवं शोधपरक पक्षों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास एवं पुरातत्व के विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहकर विषय की व्यावहारिक एवं शोधपरक समझ विकसित करनी चाहिए।
कार्यक्रम में सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता और लोक प्रशासन विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुल्तान सिंह तथा राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजबीर दलाल, इतिहास एवं पुरातत्व विभाग की इंचार्ज डॉ. नीलम रानी सहित विभाग की शिक्षक डॉ. ऋतु एवं पंकज, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
