किसान आईडी में पुराना डाटा नहीं उठाने से किसान परेशान, पोर्टल पर नहीं बन रही किसान आईडी
mahendra india news, new delhi
किसान आईडी (फार्मर रजिस्ट्री) में पुराना या पिछला डेटा (जैसे पुरानी जमाबंदी, जमीन का रिकॉर्ड या नाम) न आने की मुख्य वजह आधार और भू-रिकॉर्ड में नाम या विवरण का मैच न होने से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इससे पोर्टल पर डेटा फीड नहीं हो रहा है।
गांव दड़बा कलां के किसान पवन कुमार स्वामी, तोता राम, नाथूसरी कलां के किसान विरेंद्र सिंह ने बताया कि किसानों को किसान आईडी बनाने के लिए कहा गया है। मगर पीछे का डाटा पोर्टल पर नहीं उठाया जा रहा है। इससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसान आईडी पोर्टल पर जाकर पुन: अपना आधार नंबर दर्ज करें और देखें कि डेटा किसी स्तर पर पेंडिंग या अस्वीकृत तो नहीं है
नाथूसरी चौपटा में 13000 हजार के लगभग किसान आईडी बनी
पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे किसानों के लिए किसान आईडी बनवाना बहुत ही अहम हो गई है। नाथूसरी चौपटा खंड के किसान आईडी यानी फार्मर रजिस्ट्री नहीं करवाने वाले किसानों पर पीएम सम्मान निधि योजना का लाभ गंवाने का खतरा मंडरा रहा है। अगर आईडी नहीं बनवाई तो अक्टूबर माह में पीएम सम्मान निधि स्कीम की किश्त नहीं आएगी। नाथूसरी चौपटा में 27800 किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है। इनमें से अभी तक 13000 हजार के लगभग किसान आईडी बनी है। जबकि अभी तक 14800 किसानों की किसान आईडी नहीं बनी है।
कृषि विकास अधिकारी डा. शैलेंद्र सहारण ने बताया कि पीछे का डाटा नहीं उठाने को लेकर कई किसानों ने अपनी समस्या रखी थी। पुराना डाटा राजस्व विभाग के द्वारा सही किया जाएगा। इसके लिए किसान संबंधित विभाग में जाकर अपना डाटा सही करवा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि किसान आईडी बनवाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। अगर जल्द ही किसान आईडी नहीं बनवाते हैं, ऐसे में पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ से वांछित कर दिए जायेंगे और कृषि विभाग की अन्य स्कीमों का भी लाभ रोक दिया जायेगा।किसान अपनी किसान आईडी अपने गांव में कृषि सुपरवाईजर से या अपने नजदीकी खंड कृषि कार्यालय नाथूसरी चौपटा से भी बनवा सकता है। जिस किसान ने अभी तक अपनी किसान आईडी नहीं बनवाई उनकी अक्टूबर महीने की किसान सम्मान निधि रोक दी जायेगी और जिन किसानों को अभी तक पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल रहा। वह किसान अपनी किसान आईडी बनवा ले आईडी बनने के बाद ही किसान लाभ उठा सकता है अन्यथा स्कीमों के लाभ से किसान वांछित रह जाएगे।
कृषि विभाग ने जारी किए निर्देश
कृषि विभाग ने किसान आईडी बनाने को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। विभाग के अनुसार पीएम किसान सम्मान निधि के साथ केंद्र व प्रदेश सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं, सब्सिडी, फसल बीमा और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री आवश्यक होगी।
क्यों की जा रही फार्मर रजिस्ट्री
फार्मर रजिस्ट्री का उद्देश्य किसानों का डिजिटल रिकार्ड तैयार कर सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। इससे पात्र किसानों को योजनाओं से स्वत: जोडऩे, फसल खरीद, बीमा, केसीसी ऋण और कृषि सलाह जैसी सेवाओं तक आसान पहुंच मिल सकेगी। राजस्व रिकार्ड में दर्ज कृषि जोत धारक किसान, महिलाओं और 18 वर्ष से कम उम्र के कृषि जोत धारकों की भी फार्मर आईडी बनाई जा सकती है। फार्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए महज एक पंजीकरण प्रक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य में मिलने वाली अधिकांश कृषि सेवाओं और सरकारी योजनाओं का आधार बनने जा रही हैा
