एग्रीकल्चर ग्रेड की यूरिया खाद को टेक्निकल ग्रेड की बनाकर बेचने वाले गिरोह ने हैफेड को भी नहीं बक्शा: लखविंदर सिंह औलख
mahendra india news, new delhi
बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने जानकारी देते हुए बताया कि यूरिया खाद घोटाले की तारे पूरे देश में फैली हुई है। औलख ने कहा कि हमें सूचना मिली कि हैफेड एनिमल फीड प्लांट सकताखेड़ा डबवाली में भी बिना किसी कंपनी का नाम लिखे गट्टों में टेक्निकल ग्रेड के नाम से यूरिया खाद भरकर सप्लाई की जा रही है, जिसको लेकर आज बीकेई से गुरपिंदर काहलो, सरबजीत कंबोज तथा लीला साहुवाला बीकेई टीम सहित सकताखेड़ा हैफेड प्लांट पहुंचे तो देखा कि वहां बिना किसी कंपनी का नाम लिखे टेक्निकल ग्रेड के गट्टों में नीम कोटेड यूरिया खाद पड़ी हुई थी। जिसकी व्हाट्सएप पर कृषि उपनिदेशक सुखदेव सिंह को लिखित शिकायत भेजी।
उन्होंने गुण नियंत्रण अधिकारी अमित कुमार को भेजा, जिन्होंने प्लांट में पहुंचकर जांच के लिए यूरिया खाद के नमूने भरे। औलख ने बताया कि गुप्ता केमिकल दिल्ली की फर्म द्वारा सकत्ताखेड़ा तथा रोहतक फीड प्लांट में एग्रीकल्चर ग्रेट की नीम कोटेड यूरिया को गट्टे बदलकर टेक्निकल ग्रेड लिखकर फर्जी बिलिंग के माध्यम से यूरिया खाद की सप्लाई दी गई है। औलख ने कहा कि उपरोक्त फर्म द्वारा 1647.28/- रुपए प्रति 50 किलो गट्टा यूरिया खाद दी गई है, जबकि टेक्निकल यूरिया खाद का नैशनल तथा इंटरनैशनल भाव इससे ढाई गुना अधिक है। ऐसे में कोई कंपनी कैसे कम रेट में यूरिया खाद सप्लाई कर सकती है।
दिल्ली की ही दूसरी फर्म मनीषा ट्रेडिंग कंपनी द्वारा पंजाब में वेरका तथा मार्कफेड में सप्लाई की गई फर्जी टेक्निकल ग्रेड की 3250/- प्रति गट्टा सप्लाई किया गया था। उसके भी सैंपल फेल आए हैं, वह भी नीम कोटेड यूरिया पाई गई है। औलख ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक भारत तथा भारतीय किसान एकता बीकेई के सांझे अभियान से देशव्यापी यूरिया खाद घोटाले का पदार्फाश किया जा रहा है। जल्द ही पंजाब के राज्यपाल तथा कृषि मंत्री भारत सरकार से मिलकर किसानों के हक की यूरिया लूटने वालों, जीएसटी चोरों, फर्जी पैकिंग करने वालों सहित इसमें शामिल सभी घोटालेबाजों के तथ्यों सहित खुलासे की जाएंगे।
