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हरियाणा के छोरे मोहित यादव ने कर दिया ऐसा कमाल, प्रधानमंत्री के हाथों से मिलेगा सम्मान

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राष्ट्रीय स्तर पर मोहित होंगे सम्मानित 
 mahendra india news, new delhi

कहीं न कहीं पर सड़क हादसे होते रहते हैं। जिससे लोगों की अनमोल जान चली जाती है। ऐसे हादसों को रोकने के लिए हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव भागेश्वरी निवासी मोहित यादव ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है इसको गाड़ी में इंस्टॉल करने से सड़क दुर्घटना रुकेंगी। 


जी हां मोहित द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर से गाड़ी में इंस्टॉल करने के बाद चाहकर भी दुर्घटना नहीं कर पाएंगे। सॉफ्टवेयर लैब में एक टेस्ट पास कर चुका, दूसरा अभी जारी है। स्टार्टअप के क्षेत्र में किए गए इस उत्कृष्ट कार्य के लिए अब मोहित को नई दिल्ली में 28 से तीन दिवसीय एशिया स्टार्टअप महाकुंभ में राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट स्टार्टअप ऑफ द ईयर 2024 अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। 

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देश के पीएम नरेंद्र मोदी मोहित को अपने हाथों से सम्मान देंगे। गांव भागेश्वरी निवासी मोहित यादव ने बताया कि उन्होंने एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसको गाड़ी में इंस्टॉल करने के बाद चाहकर भी दुर्घटना नहीं कर पाएंगे।


उन्होंने बताया कि इस सॉफ्टवेयर में ऐसे फीचर्स हैं जो गाड़ी को काफी हद तक सुरक्षित बना देंगे। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी इस सॉफ्टवेयर की खुले मन से तारीफ कर चुके हैं। यही नहीं, मोहित को इस इनोवेशन के लिए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी भी सम्मानित किया जा चुका है। 

हरियाणा के मोहित ने बताया कि कई कंपनियां सॉफ्टवेयर खरीदने के लिए आगे आई हैं। वहीं, मोहित के सॉफ्टवेयर से टाटा मोटर्स, गूगल व नासा भी प्रभावित हैं और कार्य करने का ऑफर दे चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिए लिहाज से देखे तो गाड़ी में सीट बेल्ट पर सेंसर लगाए गए हैं। दूसरी गाड़ी में देखा जाए तो सीट बेल्ट के लगाने पर बिप की आवाज सुनाई देती है लेकिन इस सॉफ्टवेयर में गाड़ी स्टार्ट ही नहीं होगी। अगर बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाई तो गाड़ी स्टार्ट नहीं होगी। इसी तरह से यदि ड्राइवर ने शराब पीकर गाड़ी स्टार्ट करना चाहा तो भी स्टार्ट नहीं होगी। 


यादव मोहित ने बताया कि उन्होंने साल 2023 में ही चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस संकाय में बीटेक की है। वो साल 2019 से सॉफ्टवेयर बनाने की तैयारी में जुट गया था। साल 2022 में इनोवेशन पूरी हुई। मोहित के नाम 80 पेटेंट दर्ज हैं जिनमें से 24 को मान्यता मिल चुकी है।