हरियाणा किसान-मजदूर संघर्ष मोर्चा की 10 सितंबर को पिहोवा में होगी पंचायत: लखविंद्र सिंह
mahendra india news, new delhi
बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने जानकारी देते हुए बताया कि देर शाम हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा की आॅनलाइन मीटिंग हुई, जिसमें प्रिंस वड़ैच, जगबीर घसोला, अमृतपाल सिंह बुग्गा, मनदीप सिंह नथवान, अमरजीत सिंह मोहड़ी, लखविंदर सिंह औलख, अशोक बलहारा व शमशेर नंबरदार ने किसानों, पशुपालकों और मजदूरों के मुद्दों को लेकर आगामी कार्यक्रमों की रणनीति तय की। औलख ने बताया कि मोर्चे की मांग है कि धान, बाजरा, नरमा, कपास, मूंग, ग्वार सहित सभी फसलों की एमएसपी पर बिना कटौती खरीद सुनिश्चित की जाए। परमल धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू हो, नमी की सीमा 17 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत की जाए और किसानों की तुलाई में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। सीसीआई द्वारा नरमे की खरीद समय पर शुरू की जाए।
पशुपालक किसानों को दूध का उचित भाव मिले:
मोर्चे ने कहा कि दूध का उचित दाम नहीं मिलने से पशुपालक किसान डेयरी का काम छोड़ने को मजबूर हैं। दूसरी ओर मिलावटी दूध का कारोबार बढ़ रहा है। वीटा मिल्क प्लांट में किसानों को उचित भुगतान नहीं मिलने और अधिकारियों की कथित धांधली की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जब प्राइवेट डेयरियों में दूध का भाव अधिक है तो वीटा किसानों को उचित मूल्य क्यों नहीं दे रहा, सरकार इसका जवाब दे।
गन्ना किसानों के साथ भी अन्याय बंद हो:
मोर्चे ने गन्ने की एफआरपी बढ़ाने और बकाया भुगतान तुरंत जारी करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि विदेशों से चीनी आयात करने की नीति से गन्ना किसान नुकसान में जा रहे हैं। इसी तरह गेहूं, धान, रूई और कपास के आयात से किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिलेगा और इसका बोझ अंतत: आम जनता पर पड़ेगा।
2 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन:
मोर्चा 2 सितंबर को पूरे हरियाणा के जिला मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपेगा। इसके अलावा 10 सितंबर को पिहोवा (कुरुक्षेत्र) की अनाज मंडी में किसान पंचायत आयोजित की जाएगी। इसमें सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आगामी आंदोलन की रणनीति और बड़े फैसले लिए जाएंगे। मोर्चे ने किसानों, पशुपालकों और मजदूरों से दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
